Heart Attack Causes: कब्ज का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि यह एक पेट से जुड़ी समस्या है। हालांकि, यह असल में एक पेट की समस्या ही है, लेकिन क्या होगा अगर हम आपको बताएं कि कब्ज से इंसान को हार्ट अटैक आ सकता है। जी हां, हाल ही में हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि कॉन्स्टिपेशन यानी कब्ज से दिल के रोगों में वृद्धि हो सकती है। दिल के रोग जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक या चोकिंग के जोखिम। खासतौर पर उन लोगों को इसका अत्यधिक खतरा है, जो हाई बीपी की समस्या स गुजर रहे हैं। चलिए जानते हैं रिसर्च से जुड़ी कुछ मुख्य बातें।
कहां हुई है रिसर्च?
अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी-हार्ट एंड सर्कुलेटरी फिजियोलॉजी में पब्लिश एक शोध के अनुसार, कब्ज से पीड़ित लोगों को नियमित मल त्याग करने वालों की तुलना में प्रमुख हृदय संबंधी घटनाओं का जोखिम दोगुना रहता है। इन लोगों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना 2.7 गुना अधिक होती है, स्ट्रोक का अनुभव होने की संभावना 2.4 गुना अधिक होती है, और दिल का दौरा पड़ने या सीने में दर्द होने की संभावना 1.6 गुना अधिक होती है। हालांकि, यह अध्ययन यूके बायोबैंक में किया गया है, जहां 4,00,000 लोगों के साथ इस रिसर्च को पूरा किया गया था। जिसमें टीम ने कब्ज के मरीजों की दिनचर्या को नोट डाउन किया था। इस तर्ज पर ही इस बात की पुष्टि की गई है कि कब्ज हार्ट अटैक का एक कारण हो सकती है।
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इन बातों को रखें ख्याल
रिसर्च में कब्ज और हृदय रोग के संबंध की पुष्टि के बाद शोधकर्ताओं की टीम ने लोगों के साथ कुछ सुझाव बांटे हैं, जिनकी मदद से वे हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकते हैं।
1. फाइबर का सेवन
शोधकर्ताओं ने नियमित कब्ज से परेशान लोगों को अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा को बढ़ाने की सलाह दी है। टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फलियां फाइबर का सोर्स हैं जो मल को नरम बनाने में मदद करते हैं। इससे कब्ज की समस्या में आराम मिलता है।
2. पानी पिएं
शरीर में डिहाइड्रेशन होने से पेट में ब्लोटिंग और गैस की समस्या बढ़ सकती है। पानी की कमी से कब्ज को बढ़ावा मिलता है। वहीं, अच्छी हार्ट हेल्थ के लिए भी पानी जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी होने से शौच करने में भी तकलीफ नहीं होती है। इसलिए दिन भर में लगभग 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
3. एक्सरसाइज करें
शारीरिक गतिविधियां आपकी आंतों को सुरक्षित रखती हैं। 1 सप्ताह में कम से कम 2 दिन आपको 30 मिनट तक के हल्के व्यायाम करने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि इससे कब्ज की समस्या में राहत मिलती है। एक्सरसाइज का समय न हो तो वॉक करने की हैबिट को सुचारू रूप से अपनाएं और फॉलो करें।
4. प्रोबायोटिक्स का सेवन
प्रोबायोटिक्स गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो ओवरऑल पाचन क्रिया को सुरक्षित रखते हैं। ये बैक्टीरिया आंतों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। साथ ही, शरीर में गुड बैक्टीरिया होने से कब्ज की समस्याओं में भी कमी देखी गई है क्योंकि इन कणों से पेट की सूजन भी कम होती है।
5. स्वस्थ आहार और स्ट्रेस मैनेजमेंट
फाइबर के अलावा, अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें जो ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स और प्रोटीन से भरपूर हों। मांसाहारी खाने से थोड़ा परहेज आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होगा। तनाव कम करने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं। इसके अलावा, अल्कोहल का सेवन कम से कम करें।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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