Health Tips: भारत में मॉडर्न मेडिकल फेसिलिटी और आयुर्वेद के बीच लंबे समय से बहस चलती आ रही है। एक तरफ जहां इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) आधुनिक चिकित्सा पद्धति को सर्वोपरि मानते हैं, वहीं दूसरी ओर बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने में जुटी हुई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने IMA को तगड़ा झटका देते हुए बाबा रामदेव और पतंजलि को राहत प्रदान की है। पतंजलि के उत्पादों को लेकर हमेशा सवाल किए जाते हैं कि ये ब्रांड अक्सर अपने प्रोडक्ट की खासियत से बढ़ा-चढ़ाकर उपभोक्ताओं को पेश करता है।
ऐसा ही एक उत्पाद पतंजलि का रोगन बादाम शिरिन है, जो ऐसा आयुर्वेदिक तेल है जिसका सेवन करने से दिमाग और शरीर, दोनों ही स्वस्थ रहता है। आइए जानते हैं इस उत्पाद के बारे में भी विस्तार से
पतंजलि को मिली बड़ी राहत
IMA ने कुछ समय पहले पतंजलि के कुछ दावों और विज्ञापनों को लेकर सवाल खड़े किए थे कि पतंजलि की दवाएं और उत्पाद बिना वैज्ञानिक प्रमाण के प्रचारित किए जा रहे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। रूल 170 हटाने के बाद अगस्त 2024 में यह मामला सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच को पेश किया था। इस बेंच ने नियम पर अस्थाई रोक लगा दी है।
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दिमाग को तेज बनाने का भरोसेमंद उपाय
पतंजलि का बादाम रोगन ऐसा उत्पाद है, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया है। यह शुद्ध बादाम का तेल होता है, जिसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को दिया जा सकता है। इसके सेवन से दिमाग तेज होता है। पतंजलि के इस बादाम तेल में विटामिन-ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
बाजार में बढ़ी डिमांड
आज के समय में जब लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने लगे हैं वहां, आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ी है। पतंजलि का बादाम रोगन अपनी गुणवत्ता और पॉजिटिव हेल्थ बेनिफिट्स के चलते न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी यह काफी लोकप्रिय हो गया है।
इसे खाने का सही तरीका क्या है?
आप इसे रात को सोने से पहले दूध के साथ लें सकते हैं। इसके लिए आपको दूध में 5 से 10ml मिलाकर पीना चाहिए। रात को सोते समय इसे तेल से सिर की मालिश करें। आप इस तेल की दो-तीन बूंदों को नाक में भी डाल सकते हैं।
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