Health Tips: जैसे ही बच्चा जन्म लेता है, माता-पिता उसकी सेहत को लेकर सजग हो जाते हैं. वे उसे हेल्दी और पोषण से भरपूर आहार देने की योजना बनाते हैं, ताकि बच्चा तंदुरुस्त और मजबूत बने. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर बच्चे के शरीर में एक खास विटामिन (Vitamin) की कमी रह जाए, तो यह उसके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हो सकता है? अगर नहीं तो आइए जानते हैं डॉ. रवी मलिक से कि किस एक विटामिन की कमी बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा बन सकती है. इसके साथ ही माता-पिता को किस एक विटामिन का बच्चे को जन्म से ही सेवन कराना चाहिए.
बच्चे को किस विटामिन की होती है जरूरत?
डॉ. रवी मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट (Social Media) के जरिए यह बताया है कि आप अपने बच्चे को जन्म के बाद से ही विटामिन D (Vitamin D) नियमित रूप से देना शुरू कर दीजिए. इसके साथ ही आप इस विटामिन को कम से कम एक साल तक जरूर दें. डॉ. रवी मलिक का कहना है कि यह देखा गया है कि जिस बच्चे को विटामिन D नहीं दिया जाता है, उनके शरीर में आगे चलकर इसकी कमी हो जाती है. विटामिन D की कमी से बच्चे को कई सारी बीमारियां हो सकती हैं, जैसे कि रिकेट्स (Rickets), ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis). साथ ही इम्यून सिस्टम भी बच्चे का कमजोर हो सकता है. इतना ही नहीं, बच्चा ग्रोथ फेलियर का शिकार भी हो सकता है और हड्डियां मजबूत नहीं बन पाती हैं. इसलिए एक्सपर्ट के अनुसार, जन्म होते ही बच्चे को विटामिन D जरूर देना चाहिए.
विटामिन D देने के फायदे
विटामिन D न केवल बच्चों की हड्डियों (Strong Bones) को मजबूत बनाता है, बल्कि उनके संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है. यह विटामिन कैल्शियम (Calcium) को शरीर में सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे हड्डियां और दांत (Bones and teeth) मजबूत बनते हैं. इसके अलावा, यह इम्यून सिस्टम को (Boost Immune System) भी मजबूत करता है, जिससे बच्चा बार-बार बीमार नहीं पड़ता. नियमित रूप से विटामिन D देने से बच्चों में रिकेट्स जैसी बीमारी का खतरा कम होता है, और उनकी मांसपेशियों और हड्डियों की ग्रोथ सही तरीके से होती है. साथ ही, यह बच्चा थकान, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्याओं से भी बचा रहता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.