हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

गुजरात में कैंसर का बढ़ता कहर: 1 साल में 43,000 से ज्यादा मौतें, 5 साल में बढ़े 10% मामले

गुजरात में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. पुरुष और महिलाएं दोनों ही कैंसर की चपेट में आ रहे हैं. यहां जानिए कौन सा कैंसर सबसे ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है.

विज्ञापन
कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में गुजरात देश में 9वें स्थान पर है.

Cancer Cases: ​गुजरात में पिछले 5 सालों में कैंसर के मामलों और मौतों में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ​राज्य में हर साल औसतन 79,000 से अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं. ​एक साल में कैंसर के कारण 43,500 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई. ​पुरुषों में ओरल कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं. ​कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में गुजरात देश में 9वें स्थान पर है. यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं और बताते हैं कि ​गुजरात में लगातार कैंसर का रूप विकराल होता जा रहा है.

यह भी पढ़ें – Blood Cancer ने ली एक्टर प्रदीप रावत की जान, जानिए क्या है यह कैंसर, कैसे दिखते हैं इसके लक्षण, किन्हें है ज्यादा खतरा

कैंसर के बढ़ते मामले

विज्ञापन

गुजरात में गंभीर बीमारी ‘कैंसर’ की घातकता लगातार बढ़ती जा रही है. स्वास्थ्य विभाग और हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर दिन औसतन 217 लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं जबकि प्रतिदिन 119 मरीज इस जानलेवा बीमारी से दम तोड़ रहे हैं. ​पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुजरात में कैंसर के कुल मामलों और मौतों की संख्या में 10 प्रतिशत की चिंताजनक वृद्धि हुई है.

​आंकड़ों में समझें स्थिति की गंभीरता

विज्ञापन

​2021 की स्थिति- वर्ष 2021 में गुजरात में कैंसर के 71,507 मामले दर्ज किए गए थे और 39,238 लोगों की मौत हुई थी.

​वर्तमान स्थिति– यह आंकड़ा अब बढ़कर सालाना 79,000 से अधिक मामलों और 43,500 से अधिक मौतों तक पहुंच गया है.

विज्ञापन

​राष्ट्रीय स्तर– देशभर में कैंसर मौतों की सूची में गुजरात 9वें स्थान पर है. इस सूची में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां सालाना 1.25 लाख से अधिक मौतें दर्ज होती हैं.

​अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI) के अनुसार, अलग-अलग वर्गों में कैंसर के प्रकार भी भिन्न पाए जा रहे हैं.

विज्ञापन

​पुरुषों को मुंह का कैंसर (Oral Cancer) सबसे ज्यादा हो रहा है. गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट के अत्यधिक सेवन के कारण पुरुषों में ओरल कैंसर के मामले सबसे तेजी से बढ़े हैं, जबकि महिलाओं में ‘ब्रेस्ट कैंसर’ के मामले सबसे अधिक देखने को मिल रहे हैं. इसके बाद गर्भाशय का कैंसर (Cervical Cancer) दूसरे स्थान पर है.

कैंसर के मामले बढ़ने की वजह

विज्ञापन

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि खान-पान में मिलावट, बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और तंबाकू का बढ़ता व्यसन इस बीमारी के फैलने के मुख्य कारण हैं. ​अन्य राज्यों से भी इलाज कराने गुजरात आ रहे मरीज. ​अहमदाबाद का सिविल कैंसर अस्पताल न केवल गुजरात बल्कि पश्चिमी और मध्य भारत के लिए एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

​आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में अस्पताल की ओपीडी में 26,000 से अधिक नए मरीज पंजीकृत हुए. इनमें से लगभग 9,000 मरीज (35%) पड़ोसी राज्यों जैसे- मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार से इलाज के लिए गुजरात आए थे.
​
विशेषज्ञों की सलाह

विज्ञापन

​डॉक्टरों और कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर को लेकर डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है. यदि कैंसर की पहचान पहली या दूसरी स्टेज में हो जाती है, तो इसका पूर्ण इलाज संभव है.

​सावधानी और बचाव के उपाय

विज्ञापन
  • तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और शराब के सेवन से पूरी तरह दूर रहें.
  • ​मुंह में कोई छला या गांठ जो लंबे समय से ठीक न हो रही हो, तो तुरंत जांच कराएं.
  • 40 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को नियमित ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच करानी चाहिए.
  • संतुलित आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें.

यह भी पढ़ें – STD होने पर कैसे पता चलता है? यहां जानिए महिलाओं में एसटीडी के शुरुआती लक्षण क्या हैं

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola