Tips and Prevention of Blindness Week: आजकल भागदौड़ भरी जीवनशैली और खराब खानपान हर किसी की लाइफ का एक अहम हिस्सा बन चुका है। खराब खानपान और इस बिगड़ी हुई जीवनशैली का सीधा असर इंसान के स्वास्थ्य पर हो रहा है।
इससे कई गंभीर भी हो जाते है और शरीर के सबसे अहम अंग यानी आंखों पर भी इसका बहुत ही हुरा असर पड़ता है। कुछ लोगों को बेहद कम उम्र में ही चश्मा पहनना पड़ता है, कुछ अंधेपन के शिकार हो जाते हैं और कुछ लोगों को दिखना कम हो जाता है।
ये एक गंभीर विषय है, जिसके बारे में हर किसी को सोचने की जरूरत है। हर साल 1 से 7 अप्रैल तक ब्लाइंडनेस वीक मनाया जाता है, इस दौरान आंखों की रोशनी के बारे में जागरूक किया जाता है। इसलिए आज हम आपको आंखों की देखभाल के लिए कुछ जरूरी तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।
आंखों की देखभाल के कुछ जरूरी तरीके
1. नियमित रूप से आंखों की जांच कराते रहे
अपनी आंखों को हर एक बीमारी से दूर रखने के लिए आपको नियमित रूप से आपनी आंखों की जांच करानी चाहिए। नियमित आंखों की जांच से आपको टाइम-टाइम पर पता चलता रहेगा कि आपको आंखों से संबंधित कोई परेशानी तो नहीं हैं और इससे आपको अपनी आंखों की रोशनी के बारे में भी पता चलेगा। साथ ही अगर कोई बीमारी है भी, तो समय रहते आप उसका इलाज कर सकेंगे।
2. लैपटॉप या फोन को ज्यादा समय ना दें
आंखों की रोशनी कम होने का सबसे बड़ा कारण होता है, लैपटॉप या फोन पर ज्यादा समय बिताना। अगर आप भी बहुत देर तक कंप्यूटर और मोबाइल की स्क्रीन पर अपना समय बिता रहे हैं, तो ये आपके लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। साथ ही इससे आपको सिरदर्द और कंधे में दर्द समेत कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती है। अगर आपको लैपटॉप पर ज्यादा देर तक काम करना भी है, तो हर दो घंटे में आपको कम से कम 15 मिनट का ब्रेक लेने की जरूरत होती है।
3. UV किरणों से आंखों की रक्षा करें
अगर आप बाहर जा रहें हैं, तो आपको तेज धूप में निकलने से पहले अपनी आंखों को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाना चाहिए। इसके लिए आप यूवी प्रोटेक्टर चश्मे को पहने सकते हैं, क्योंकि ये हानिकारक किरणें आपको मैक्यूलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद के करीब ले जाती है और आपको इन बीमारियों का शिकार बना सकती है।
4. धूम्रपान से दूरी बनाकर रखें
आंखें शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है और इसे धूम्रपान यानी स्मोकिंग से भी बहुत नुकसान होता है। साथ ही धूम्रपान आपके फेफड़ों समेत आंखों की रोशनी भी ले सकता है। कई अध्ययनों में खुलासा हुआ है कि धूम्रपान करने से ड्राई आई, मैक्यूलर डिजनरेशन, डायबिटिक रेटिनोपैथी, आई सिंड्रोम और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ता है। जो लोग नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं, उनको अक्सर इन बीमारियों का सामना करना पड़ता है
5. खानपान पर खास ख्याल रखें
खराब खानपान से भी आखों की परेशानी हो जाती है। पौष्टिक और संतुलित आहार से इंसना हमेशा स्वस्थ रह सकता है, लेकिन कई लोग अपने खानपान पर भी ध्यान नहीं देते हैं। साथ ही आंखों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन सी, विटामिन ई, ओमेगा -3 फैटी एसिड, ल्यूटिन और जस्ता जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता भी होती है। इसलिए आपको हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली, अंडे, घी, नट्स, दाल, बीन्स संतरे और अन्य खट्टे फलों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
Disclaimer: संबंधित लेख पाठक की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए है। न्यूज24 इस लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इसके बारे में चिकित्सीय सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
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