दिल्ली पहुंची ज्वालामुखी की राख, जानिए क्या कपड़े के मास्क वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रभावी हैं

Ethiopian Volcanic Ash In India: दिल्ली-एनसीआर में लगातार वायु प्रदूषण के बढ़ने और इस बीच इथियोपिया के ज्वालमुखी की राख के बादल भारत से गुजरने से लोगों को अपनी सेहत को लेकर चिंता बढ़ने लगी है. ऐसे में यहां जानिए वायु प्रदूषण से बचने के लिए किस तरह का मास्क प्रभावी हो सकता है.

Air Pollution

वायु प्रदूषण में कौन सा मास्क अधिक प्रभावी है?

Mask For Air Pollution: इथियोपिया में 12,000 साल बाद हेली गुबी ज्वालामुखी (Hayli Gubbi Volcano) फटने से इसकी राख के बादल भारत पर भी मंडराने लगे हैं. ज्वालामुखी का धुआं और राख उत्तरी भारत के कई देशों से होकर गुजर रही है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में पहले से ही लोग वायु प्रदूषण से दोचार हो रहे हैं, ऐसे में इस ज्वालामुखी की राख के गुजरने की खबर ने लोगों को डरा दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, राख के बादल ऊंचाई से होकर गुजरेंगे जिससे इसका प्रभाव लोगों पर कुछ खास नहीं होगा और फ्लाइट्स प्रभावित होने के अलावा शहरों पर कुछ घंटों तक ही असर रहेगा. लेकिन, लोग अपने स्तर पर इससे बचे रहना चाहते हैं. ऐसे में वायु प्रदूषण की बात की जाए तो लोग अक्सर ही अपने रुमाल या दुपट्टे से मुंह ढक्कर बाहर निकल जाते हैं. लेकिन, क्या ये कपड़े के मास्क सचमुच प्रदूषण से बचाव करते हैं या फिर अप्रभावी साबित होते हैं? यहां जानिए प्रदूषण पर सबसे प्रभावी कौन सा मास्क होता है.

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प्रदूषण पर कितना प्रभावी है कपड़े का मास्क

प्रदूषण से बचने के लिए लोग अक्सर ही कपड़े या रुमाल को मुंह पर बांध लेते हैं, कपडे़ का मास्क (Cloth Mask) लगाते हैं या फिर सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करते हैं. ये मास्क प्रदूषण के बड़े कणों को रोक लेते हैं लेकिन, प्रदूषण के छोटे हानिकारण कण इससे ब्लॉक नहीं होते और सांस के जरिए शरीर में आसानी से जा सकते हैं.

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वायु प्रदूषण में कौन सा मास्क अधिक प्रभावी है

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वायु प्रदूषण के खिलाफ सबसे इफेक्टिव N95 या KN95 मास्क होते हैं. ये मास्क 95 प्रतिशत तक प्रदूषण के कणों को फिल्टर करते हैं और सांस के जरिए शरीर में जाने से रोकते हैं. इन मास्क से PM2.5 जैसे कण भी शरीर में नहीं जा पाते हैं. लेकिन, इन मास्क को सही तरह से पहनना जरूरी है. इनमें लगी क्लिप को नाक पर सही तरह से सेट करना जरूरी है. ध्यान रहे कि मास्क में किसी तरह का गैप ना रहे और प्रदूषित हवा शरीर में ना जा सके.

एक मास्क का कबतक इस्तेमाल करना चाहिए

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अगर आप फेस मास्क लगा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि एक फेस मास्क कितने समय तक लगाया जा रहा है. अगर फेस मास्क का प्रभाव कम होने के बाद भी इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह प्रदूषण को ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाएगा. मास्क इस्तेमाल करते रहने से डैंप होने लगते हैं, गंदे होने लगते हैं और अधिक प्रभावी नहीं रहते.

वायु प्रदूषण से बचने के लिए करें ये काम

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मास्क लगाने भर से ही आप वायु प्रदूषण से नहीं बचते हैं बल्कि इसके लिए कुछ और सावधानियां बरतनी भी बेहद जरूरी होती हैं.

  • बहुत ज्यादा ट्रैफिक वाले समय पर बाहर निकलने से परहेज करें
  • ज्यादा प्रदूषण वाले दिनों पर घर से निकलने से परहेज करें
  • घर के अंदर प्रदूषण कम करने वाले पौधे लगाए जा सकते हैं
  • घर के अंदर एयर प्यूरिफायर लगाया जा सकता है
  • बड़े-बूढ़ों और बच्चों को खासतौर से प्रदूषण से दूर रखने के लिए बाहर निकलने से रोकें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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