अस्थमा की पहली चेतावनी क्या है? जानिए Asthma के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं

Asthma Ke Lakshan: अस्थमा श्वसन संबंधी कंडीशन है जिसके शुरुआती लक्षण पहचानना बेहद जरूरी होता है. इससे दिक्कत को जरूरत से ज्यादा बढ़ने से रोका जा सकता है और समस्या गंभीर होने से पहले ही कंट्रोल की जा सकती है.

Asthma Symptoms

Early Signs Of Asthma: जानिए कैसे नजर आते हैं अस्खमा के शुरुआती लक्षण.

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Asthma Warning Signs: अस्थमा होने पर व्यक्ति के श्वसन तंत्र में बदलाव होने लगता है. श्वसन तंत्र अंदर से सूजने लगता है, म्यूकस जरूरत से ज्यादा बनने लगता है जो श्वसन नली को अवरुद्ध करने लगता है और इससे श्वसन तंत्र के आस-पास की मसल्स टाइट होकर सिकुड़ने लगती हैं. इससे व्यक्ति को सांस लेने में भी दिक्कत होती है. अस्थमा होने पर अगर सांस लेने में अचानक दिक्कत होना शुरु हो जाए तो इसे अस्थमा एपिसोड, फ्लेर अप या अस्थमा अटैक (Asthma Attack) कहा जाता है. ऐसे में यहां जानिए अस्थमा के शुरुआती चेतावनी संकेत क्या होते हैं और अस्थमा होने पर शरीर पर कैसे लक्षण नजर आने लगते हैं.

अस्थमा के चेतावनी संकेत क्या हैं

अस्थमा होने के और अस्थमा अटैक आने से पहले के कुछ चेतावनी संकेत हैं जिन्हें पहचाना जा सकता है –

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  • म्यूकस बढ़ने लगता है
  • नाक बहने लगती है या हर समय ही बंद महसूस होती है
  • गले और ठुड्डी में खुजली होने लगती है.
  • व्यक्ति के कंधे ऊपर उठे हुए लगते हैं और स्लाउचिंग होने लगती है.

अस्थमा के लक्षण क्या हैं

  • अस्थमा में सांस फूलने लगती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है.
  • खांसी होने लगती है.
  • सीने में टाइटनेस महसूस होती है और दर्द होता है.
  • सांस लेते हुए व्हीजिंग साउंड यानी आवाज आती है.
  • अस्थमा के लक्षणों के कारण रात में नींद टूट जाती है.

अस्थमा का इलाज किस तरह किया जाता है

अस्थमा के चेतावनी संकेत नजर आते ही डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. डॉक्टर अस्थमा को कंट्रोल करने के लिए और इसके लक्षणों को दूर करने लिए दवा देते हैं. इसके अलावा, लक्षण कम करने के लिए और सांस लेने में दिक्कत हो तो उसके लिए इनहेलर दिया जाता है. अस्थमा में इंजेक्शन भी दिए जा सकते हैं जिससे आराम मिल सके.

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अस्थमा बढ़े और इनहेलर पास ना हो तो क्या करें

अस्थमा के मरीज (Asthma Patient) को सलाह दी जाती है कि अगर पास में इनहेलर ना हो तो घबराएं नहीं और सीधे बैठ जाएं. लेटने पर सांस लेने में दिक्कत आती है. अपनी सांसों पर फोकस करें और धीरे-धीरे सांस लेने की कोशिश करें.

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ट्रिगर्स से दूर रहें

अस्थमा के मरीज को ऐसी चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है जिनसे उसका अस्थमा ट्रिगर हो सकता है, जैसे धूल, मिट्टी, जिन लोगों को जुकाम हो, ठंडी हवा, धुआं, तनाव और प्रीजर्वेटिव्स वाले ड्रिंक्स और फूड्स से परहेज करना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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