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भूलना, कब नॉर्मल और कब बन जाती है बीमारी! जानिए इसके लक्षण

Dementia Disease: आपका भुलना नॉर्मल है या आपको किसी गंभीर बीमारी की ओर ले जा रहा है। डिमेंशिया को नॉर्मल भाषा में लोग भूलने की बीमारी कहते हैं। लेकिन, ये यही तक सीमित नहीं है। आइए जान लेते हैं इसका कारण और लक्षण के साथ-साथ बचाव..

डिमेंशिया Image Credit: Freepik
Dementia Disease: रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी चीजों को भूल जाना एक कॉमन सी बात है। ऐसा शायद ही कोई होगा जिसे हमेशा अपनी सभी चीजें याद रहती हैं। न केवल बड़े-बुजुर्ग बल्कि छोटे बच्चे और युवा भी अक्सर चीजें, काम और जरूरी बातें भूल जाते हैं। भुलक्कड़पन (Forgetfulness) वैसे तो नॉर्मल बात है, लेकिन कभी-कभी यही गंभीर बीमारी भी बन जाती है। डिमेंशिया (Dementia) संबंधी मेंटल डिसऑर्डर, अल्जाइमर आदि ऐसी ही बीमारियां हैं जो हल्के भुलक्कड़पन से शुरू होकर गंभीर हेलुसिनेशन और मेंटल बैलेंस के गड़बड़ होने तक पहुंच जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी कुछ चीजें भूलते हैं या अक्सर ही भूल जाते हैं तो ये जानना जरूरी है कि ये कहीं किसी बीमारी की शुरुआत तो नहीं।
अगर आप देख पा रहे हैं कि आप आसानी से नई चीजे नहीं सीख पा रहे हैं या कभी-कभार बिल चुकाना भूल जाते हैं, तो क्या होगा? इसका जवाब है, यह सोचने या याद रखने की समस्याएं शामिल हैं और इनमें परेशानी आती है। डिमेंशिया एक डरावना शब्द है। यह स्मृति, समस्या-समाधान, सोचने की क्षमता और भाषा याद करने की क्षमता की हानि के लिए एक सटीक शब्द है जो  गंभीर है जो डेली लाइफ की एक्टिविटी में किसी व्यक्ति की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बनता है।

डिमेंशिया क्या है?

डिमेंशिया एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल कई तरह की स्थितियों के लिए किया जाता है जो सोचने और याद रखने की क्षमता को इतना बाधित कर देते हैं कि हमारी डेली लाइफ और खुद से काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है।

डिमेंशिया के संकेत और लक्षण

  • तारीख या साल का पता न लग पाना
  • अक्सर गलत निर्णय लेना
  • परिचित स्थानों में खो जाना
  • एक ही सवाल बार-बार पूछना
  • संतुलन की समस्या
  • पैसे संभालने या बिलों का भुगतान करने में परेशानी
  • परिचित चीजों को गलत शब्द से पुकारना
  • दूसरों की भावनाओं की परवाह न करना
  • पढ़ने या लिखने में कठिनाई

मेमोरी बढ़ाने के लिए आप कई तरह की आदतें अपना सकते हैं। 

भरपूर नींद लें पर्याप्त और गहरी नींद लेना जरूरी है क्योंकि नींद के दौरान दिमाग नई जानकारी को प्रोसेस और स्टोर करता है। हेल्दी डाइट लें दिमाग के स्वास्थ्य के लिए पोषण युक्त आहार लें, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे मछली और अलसी के बीज), एंटीऑक्सीडेंट (जैसे बेरीज और हरी सब्जियां), और विटामिन्स (जैसे विटामिन E और B) शामिल हों। रेगुलर एक्सरसाइज करें शारीरिक गतिविधि ब्रेन में ब्लड फ्लो को बढ़ाती है और न्यूरोनल ग्रोथ को प्रमोट करती है, जिससे मेमोरी पावर बेहतर होती है।

मेंटल एक्सरसाइज करें 

दिमाग को एक्टिव रखने के लिए मानसिक चुनौतियां लें। पहेलियां, शतरंज, क्रॉसवर्ड्स और नए चीजें सीखने से दिमाग की क्षमता बढ़ती है।

तनाव कम करें

ज्यादा तनाव दिमाग की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। ध्यान, योग, और गहरी सांस लेने की तकनीकों से तनाव कम करें।
ये भी पढ़ें- महिलाओं में होती है कई पोषक तत्वों की कमी, डाइट में शामिल करें ये फूड्स  Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 


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