Ringworm Home Remedies: दाद, खाज और खुजली त्वचा की ऊपरी परत पर होने वाली दिक्कतें हैं. ये फंगल इंफेक्शंस हैं जो स्किन पर रोगों की वजह बनते हैं. दाद होने पर स्किन की ऊपरी सतह पर खुजलाहट शुरू होती है जिसके बाद घाव बनना शुरू हो जाता है. पहले यह घाव सामान्य खुजली के निशान की तरह दिखता है और फिर बढ़ते-बढ़ते इतना फैल जाता है कि त्वचा हमेशा के लिए डैमेज हो सकती है. दाद, खाज और खुजली (Daad Khaj Khujli) ऐसी दिक्कतें हैं जो संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के संपर्क में आने पर होती हैं. इसके अलावा संक्रमिक व्यक्ति के कपड़े इस्तेमाल करने पर भी दाद, खाज या खुजली की दिक्कत हो सकती है. ऐसे में योगगुरु बाबा रामदेव बता रहे हैं दाद, खाज और खुजली को किन घरेलु उपायों से दूर किया जा सकता है. योगगुरु के ये टिप्स आपके भी काम आ सकते हैं.
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दाद खाज खुजली के घरेलू उपाय
बाबा रामदेव ने बताया, अगर आप दाद, खाज या खुजली (Itching) से परेशान हैं तो सबसे पहले नमक और मीठा कम कर दें या बंद कर दें. खुजली होने की स्थिति में खासतौर से इन दो चीजों से परहेज करना चाहिए.
खुजली दूर करने के लिए नीम और गिलोय (Giloy) का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये दोनों ही चीजें खुजली दूर करने में असर दिखाती हैं. नीम और गिलोय के साथ ही आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप गिलोय और एलोवेरा का जूस पी सकते हैं और 7-8 पत्ते नीम के खा सकते हैं. खुजली या फुंसी पर एलोवेरा लगाया जाए तो तुरंत तकलीफ कम हो जाती है. वहीं, एलोवेरा का सेवन किया जा सकता है. योगगुरु का कहना है कि जो लोग एलोवेरा को शरीर पर लगाते हैं और एलोवेरा को खाते हैं उनकी स्किन बिल्कुल ऐसी रहती है जैसे किसी बच्चे की त्वचा हो. बाबा रामदेव बताते हैं कि वे खुद भी चेहरे पर एलोवेरा लगाते हैं और एलोवेरा जूस पीते हैं. अगर खुजली की दिक्कत ज्यादा है तो बाबा रामदेव की सलाह है कि आप कायाकल्प तेल लगा सकते हैं.
दाद, खाज और खुजली क्यों होती है
- दाद, खाज या खुजली फंगस के संपर्क में आने से हो सकती है.
- किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर यह हो सकता है.
- किसी जानवर को स्किन की समस्या हो और उसे स्पर्श किया जाए तो उससे भी यह दिक्कत हो सकती है.
- संक्रमित व्यक्ति का ब्रश, तौलिया, बिस्तर या कंघी इस्तेमाल करने से भी ये दिक्कतें हो सकती हैं.
दाद, खाज और खुजली कम करने के लिए क्या खाएं
खानपान की कुछ चीजें डाइट में शामिल की जा सकती हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती हैं और दाद, खाज और खुजली को कम करने में असरदार होती हैं. फंगल इंफेक्शन को कम करने के लिए लौंग का सेवन किया जा सकता है.
सूरजमुखी का तेल, जैतून का तेल, अखरोट और पालक समेत मसूर की दाल को खानपान का हिस्सा बना सकते हैं.
विटामिन ई से भरपूर चीजों का सेवन किया जा सकता है.
इन बातों का रखें खास ध्यान
- इस बात का खास ध्यान रखें कि शरीर पर बार-बार पसीना ना आए और पसीना चिपका ना रहे. पसीना ज्यादा आता है तो एंटी-फंगल क्रीम लगाई जा सकती है.
- साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है. इससे संक्रमण नहीं फैलता है.
- खानपान पर कंट्रोल करना जरूरी है. सोडा, चॉक्लेट, गुड़, मसालेदार भोजन, तला हुआ खाना, धुम्रपान और नशीली चीजों के सेवन से खासतौर से परहेज करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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