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Covid Alert: कोरोना का बड़ा साइड इफेक्ट आया सामने, लोगों को सुनने में होगी परेशानी!

Covid Alert: कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को अपने शरीर और स्वास्थ्य में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इस समय कोविड-19 एकबार फिर से फैलने लगा है, जिससे पूरी दुनिया का हेल्थ सिस्टम फिर से एक्टिव मोड में काम करने लगा है। एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कोरोना से पीड़ित मरीजों को सुनाई देने में दिक्कत महसूस हो सकती है। आइए जानते हैं इस बारे में।

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Source: News 24

Covid Alert: कोविड-19 के मामले दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे हैं। इस समय कोरोना के 4 नए वेरिएंट्स का खतरा पूरी दुनिया, खासतौर पर एशियाई देशों में बढ़ रहा है। कोविड-19 वायरस ऐसा है, जो लोगों की इम्यूनिटी को प्रभावित करता है और कई लोगों के साथ तो कोरोना के बाद गंभीर रोगों की भी शुरुआत हो जाती है। इस समय भारत में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 4,000 के करीब पहुंच चुका है। यदि जरूरी सावधानियां नहीं बरती गई तो दिक्कत बढ़ सकती है। इस बीच एक रिसर्च का खुलासा हुआ है, जो यह बताता है कि कोरोना के बाद लोगों को हियरिंग लॉस हो सकता है।

क्या कहती है रिसर्च?

रिसर्च में हुए खुलासे के मुताबिक, हियरिंग लॉस की प्रॉब्लम 80% लोगों में देखी गई है। दिल्ली में रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ENT डिपार्टमेंट ने एक रिसर्च की है। इस अध्ययन में ही खुलासा हुआ कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की सुनने की क्षमता खत्म हो गई है। इसमें 40% लोगों में एक कान से सुनने की क्षमता कम देखी गई, तो दोनों कान से सुनने की क्षमता खत्म होने वाले 60% लोगों की पुष्टि हुई है। यह रिसर्च वर्ल्ड वाइड जर्नल ऑफ मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट में भी पब्लिश हुई है।

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एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

अस्पताल के ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर पंकज कुमार ने बताया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद ईएनटी विभाग में सुनने की क्षमता खोने वाले मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने लगी। इसलिए, उनकी टीम ने मिलकर एक रिसर्च प्लान किया, जिसमें 15 मरीजों को शामिल किया गया था। इनमें 9 महिलाएं और 6 पुरुष थे। यह वे मरीज हैं, जिन्हें कोरोना हो चुका था और उनकी दो बार रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई थी।

ये लोग ज्यादा प्रभावित हुए

रिसर्च से पता चला है कि 30 से 60 वर्ष के लोगों में कोरोना के घातक प्रभाव देखने को मिले, जिससे उन लोगों में सुनने की क्षमता कम हो गई, जबकि कोरोना होने से पहले इन्हें सुनने में कोई दिक्कत नहीं होती थी। इसके अलावा 30 साल से कम आयु के लोगों में भी हियरिंग प्रॉब्लम देखने को मिली है।

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रिसर्च में सामने आई ये बातें

स्टडी के मुताबिक, 30 से 60 साल के लोगों में हियरिंग प्रॉब्लम देखने को मिली है, जिसमें 26.6% तक लोगों के अंदर सुनने में हल्की परेशानी देखने को मिली।

  • 43.3% लोगों में मामूली हियरिंग इश्यू रहा।
  • इस आयु वर्ग के 6.6% लोगों को सुनने में मध्यम समस्या हुई।
  • 3.3% लोगों को गंभीर हियरिंग लॉस हुआ, जिससे दोनों कानों से सुनाई देने में प्रॉब्लम हुई।
  • 40% लोगों में एक कान में सुनने में दिक्कत देखी गई।
  • 60% लोगों को दोनों कान से सुनने में दिक्कत आई।

एक महीने में आया सुधार

डॉ. पंकज ने बताया कि उन्होंने इस खतरे को देखते हुए मरीजों को कॉर्टिकोस्टेरॉयड न देकर मल्टीविटामिन टैबलेट्स या इंजेक्शन दिया, जिससे मरीजों में एक महीने में सुनने की क्षमता में सुधार होने लगा।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 

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