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युवाओं में बढ़ रहा है आंतों के कैंसर का खतरा, यहां जानिए कोलन कैंसर का पहला संकेत क्या है

Colon Cancer Symptoms: आंतों का कैंसर कैसे होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं, किस तरह पहचाने जा सकते हैं और इस कैंसर से किस तरह बचकर रह सकते हैं, जानिए यहां.

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Colorectal Cancer Symptoms: बड़ी आंत के कैंसर के क्या लक्षण हैं?

Badi Aant Ka Cancer: बड़ी आंत के कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) या कोलन कैंसर कहते हैं. युवाओं में इस कैंसर के खतरे देखे जाने लगे हैं. नेचर में छपी हालिया स्टडी के अनुसार, आंत के कैंसर के 5 में से 1 मामले में मरीज की उम्र 54 वर्ष से कम देखी गई है. युवाओं में आंतों के कैंसर होने के आंकड़ों में 2 दशक पहले और अब के आंकड़ों में 11 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है. रिसर्च में पाया गया कि कोलीबेक्टिन, इ कोली से प्रोड्यूस हुआ टॉक्सिन और अन्य बैक्टीरिया DNA को डैमेज कर सकते हैं. ऐसे में कोलिबेक्टिन और आंतों के कैंसर (Colon Cancer) के बीच संबंध हो सकता है. रिसर्च में पाया गया कि 10 साल की उम्र से पहले बच्चा कोलिबेक्टीन के संपर्क में आ सकता है और 20 से 30 साल का होने तक यह कैंसर की डेवलपमेंट में बदल सकता है.

आंतों के कैंसर के लक्षण (Colon Cancer Symptoms)

आंतों का कैंसर धीरे-धीरे पनपता है. इसके शुरुआती लक्षण पहचानने में दिक्कत हो सकती है. लेकिन, जो लक्षण नजर आते हैं वो कुछ इस तरह के हो सकते हैं-

  • पेट में दर्द
  • फूला हुआ पेट
  • मलत्याग करते हुए मल में खून नजर आना
  • दस्त लग जाना या फिर लंबे समय तक कब्ज रहना
  • ऐसा महसूस करना जैसे आंतों में मल अटका हुआ है
  • हर समय कमजोरी महसूस करना, शरीर में थकान रहना
  • अचानक से वजन कम होना शुरू हो जाना

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आंतों का कैंसर क्यों होता है

  • आंतों के कैंसर होने की पहली वजन खानपान का सही ना होना है. प्रोसेस्ड फूड्स का ज्यादा सेवन और हेल्दी डाइट ना लेने पर आंतों का कैंसर हो सकता है.
  • परिवार में किसी को आंतों का कैंसर रहा हो तो व्यक्ति को यह कैंसर हो सकता है.
  • आंतों की अंदरूनी लाइनिंग या रेक्टम की अंदरूनी लाइनिंग पर पॉलिप्स की ग्रोथ होने पर आंत के कैंसर का रिस्क ज्यादा होता है.
  • जरूरत से ज्यादा वजन होने पर आंत के कैंसर का खतरा रहता है.
  • धुम्रपान कोलोन कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है.
  • एल्कोहल के सेवन से इस कैंसर के होने की संभावना रहती है.

खाने की किन चीजों से हो सकता है आंतों का कैंसर

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वेस्टर्न डाइट जिसमें रेड और प्रोसेस्ड मीट ज्यादा होता है, एडेड शुगर होती है या रिफाइंड ग्रेन्स ज्यादा होते हैं, आंतों के कैंसर की वजह (Colon Cancer Causes) बन सकती है. इस डाइट में फल और सब्जियां कम होते हैं जिससे शरीर को फाइबर की मात्रा कम मिलती है.

आंतों के कैंसर में क्या होता है

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बड़ी आंत में कैंसर होने पर कैंसर की सेल्स हेल्दी सेल्स को खत्म करने लगती हैं और आंतों के अंदर मस्से या मास की गांठें पनपने लगती हैं. ये कैंसर वाले टिशूज आस-पास के अंगों तक भी फैलने लगते हैं. आंत का कैंसर होने पर मलत्याग करने में दिक्कत होने लगती है, खून निकलता है, रेक्टम में दर्द रहने लगता है और पेट में दर्द होता है. कोलन कैंसर का पता लगते ही इलाज शुरु कर देना जरूरी होता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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