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सर्दी-खांसी में बिना पर्चे की दवा लेना कितना सुरक्षित? सच्चाई जानेंगे तो दवा लेने से पहले 10 बार सोचेंगे

Most Common Health Mistakes: अक्सर लोग सर्दी-सांसी होते ही मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के अपने मन मुताबिक दवा ले लेते हैं. हालांकि, इसका परिणाम क्या हो सकता है, इसके बारे में उन लोगों को नहीं मालूम होता है. इस स्टोरी में हम आपको बिना पर्चे की दवाई लेने की सच्चाई बताएंगे, जिसे जानने के बाद आप कभी भूल से भी ये गलती नहीं करेंगे.

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बिना पर्चे की दवा का सेवन करना कितना खतरनाक है?

Bina Doctor Ki Salah Ke Dawa Lena Kesa Hai: ठंड का मौसम में सर्दी, जुकाम और खांसी आम समस्या है. ऐसे में आपने गौर किया होगा कि जैसे ही किसी का गला खराब होता है या नाक बहने लगती है वह डॉक्टर के पास जाने के बजाय सीधे मेडिकल स्टोर पहुंच जाते हैं और बिना पर्चे की दवा खरीद लेते हैं. रंगीन पैकिंग और तुरंत राहत के दावे इन दवाओं को और आकर्षक बना देते हैं. लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि बिना प्रिस्क्रिप्शन मिलने वाली दवाएं हमेशा सुरक्षित हों, ऐसा जरूरी भी नहीं है. कई बार यही आदत आगे चलकर सेहत के लिए गंभीर परेशानी बन सकती है और आपको बड़ी मुश्किलों में घेर सकती हैं. इस स्टोरी में हमने नीचे हर उस दवा के बारे में बात की है, जो अक्सर लोग सामान्य समझकर लेते हैं, लेकिन वह कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसके बारे में जानकारी नहीं रखते हैं.

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ओवर-द-काउंटर दवाएं हो सकती हैं नुकसानदेह

सर्दी-खांसी में इस्तेमाल होने वाली आम OTC दवाओं में डिकंजेस्टेंट (Decongestants), एंटीहिस्टामिन (Antihistamines), खांसी दबाने वाली दवाएं और दर्द-बुखार की गोलियां शामिल होती हैं. लोग इनके साइड इफेक्ट्स जाने बिना ही इनका सेवन करने लगते हैं और यहां तक की इसका अच्छा स्टॉक घर पर रखते हैं, ताकि जैसे ही सर्दी या कुछ महसूस हो वह तुरंत उसे खाकर उसे ठीक कर लें. फार्मेसी विशेषज्ञों के अनुसार, ये दवाएं शरीर पर गहरा असर डाल सकती हैं और अगर आप पहले से कोई दूसरी दवा ले रहे हैं, तो आपसी रिएक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है.

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डिकंजेस्टेंट और एंटीहिस्टामिन क्या है? जानें इनके नुकसान

डिकंजेस्टेंट और एंटीहिस्टामिन जैसी दवाएं सर्दी-जुकाम में आमतौर पर ली जाती हैं, लेकिन इनके नुकसान को समझना बहुत जरूरी है. डिकंजेस्टेंट (Decongestants) नाक की सूजन कम करके सांस लेने में राहत देती हैं, लेकिन अगर इन्हें लगातार कई दिनों तक लिया जाए तो असर उल्टा भी हो सकता है और नाक की सूजन और ज्यादा बढ़ सकती है. इसके अलावा इन दवाओं से ब्लड प्रेशर बढ़ना, दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी महसूस होना और नींद न आना जैसी समस्याएं हो भी सकती हैं. यही वजह है कि दिल के मरीज, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या स्ट्रोक से पीड़ित लोगों के लिए ये दवाएं ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं.

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वहीं, एंटीहिस्टामिन (Antihistamines) छींक, नाक बहना और आंखों से पानी आने में राहत तो देती हैं, लेकिन ये दिमाग को सुस्त कर सकती हैं. खासकर बुजुर्गों में इनके वजह से चक्कर आना, उलझन महसूस होना और गिरने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बिना सलाह इनका सेवन करना सुरक्षित नहीं माना जाता.

दिमाग, किडनी, दिल सभी पर खतरा

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डेक्सट्रोमेथॉर्फन (Dextromethorphan) जैसी खांसी दबाने वाली दवाओं का ज्यादा या गलत तरीके से सेवन दिमाग पर बुरा असर डाल सकता है. इससे चक्कर आना, भ्रम की स्थिति बनना, अजीब व्यवहार दिखना और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं पैरासिटामोल (Paracetamol) और इबुप्रोफेन (Ibuprofen) जैसी दर्द व बुखार की दवाएं अगर जरूरत से ज्यादा ली जाएं, तो लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके अलावा पेट में खून की समस्या और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए इन दवाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर भी दवा का सेवन करना चाहिए.

कॉम्बिनेशन दवाओं से भी बचाव जरूरी

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इन सबके बीच कॉम्बिनेशन दवाएं भी बहुत इस्तेमाल की जाती है, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है. डेक्विल या न्यूक्विल जैसी कॉम्बिनेशन दवाओं में एक साथ कई दवाएं मिली होती हैं. यहां असली समस्या यह होती है कि मरीज को अक्सर सभी दवाओं की जरूरत नहीं होती, लेकिन फिर भी वह पूरा कॉम्बिनेशन लेने लगते हैं और अपनी शरीर में नई बीमारियों को जन्म देते हैं. दर्द या बुखार की दवा जरूरत से ज्यादा शरीर में चली जाती है, जो चुपचाप नुकसान करती रहती है और एक वक्त आता है, जब व्यक्ति को बड़ी समस्या पकड़ लेती है.

डॉक्टर की सलाह क्यों है जरूरी

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विशेषज्ञ डॉक्टरों का मानना है कि आजकल लोग इंटरनेट और दूसरों के अनुभव सुनकर खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं. हल्की सर्दी-खांसी में भी बिना सलाह दवा लेना और दूसरों को सुझाना एक खतरनाक आदत है. सही इलाज वही है जो आपकी उम्र, बीमारी और पहले से चल रही दवाओं को देखकर तय किया जाए. ये बात समझें कि हर इंसान का शरीर अलग होता है और उसके लिए कौन-सी दवा सही रहेगी, वह सिर्फ डॉक्टर ही बता सकते हैं, आपकी एक गलती मौत का कारण भी बन सकती है. इसलिए अगली बार सर्दी-खांसी हो, तो जल्द राहत के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ न करें और डॉक्टर की सलाह को तर्जी दें.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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