CM Jagan Mohan Reddy Injury Risk: आंध्र प्रदेश के सीएम अपनी पार्टी वाईएसआरसीपी के लिए प्रचार के दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव किया, जिसमें गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री के ‘मेमंता सिद्धम (हम बिल्कुल तैयार हैं)’ नामक चुनाव प्रचार के दौरान उन पर पत्थर फेंके गए और एक पत्थर उनकी आंख से ऊपर ललाट पर लगा और वह घायल हो गए।
मुख्यमंत्री की बायीं भौंह के ऊपर चोट लगी, जिससे उन्हें गहरा घाव हो गया। घटना के समय वाईएस जगन भीड़ की ओर हाथ हिला रहे थे। शरीर में इसके अलावा और कौन-कौन सी चोटें शामिल हैं,आइए जानें-
सामान्य चोटों में शामिल हैं-
मोच (Sprains)
मोच तब आती है जब लिगामेंट फट जाता है। आमतौर पर चोट के कारण जोड़ अपनी जगह से हट जाता है और डैमेज हो जाते हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में टखने, घुटने और कलाई शामिल हैं।
स्ट्रेन्स (Strains)
मांसपेशियों के ज्यादा खिंचाव या सिकुड़ने के कारण मांसपेशियों या टेंडन के मुड़ने, खींचने या फटने के कारण होता है।
कन्कशन (Concussion)
यह हल्की, दर्दनाक दिमाग की चोट है, जो रग्बी और क्रिकेट जैसे कई खेलों में आम है।
अव्यवस्था (Dislocation)
अव्यवस्था तब उत्पन्न होती है जब दो हड्डियां जो एक जोड़ से जुड़ी होती हैं, एक दूसरे से अलग हो जाती हैं। इस प्रकार की चोट का जोखिम सबसे अधिक उन लोगों में होता है जो कुश्ती, रग्बी और मार्शल आर्ट जैसे संपर्क खेलों में भाग लेते हैं। सबसे अधिक असर जोड़ों में टखने, घुटने, कंधे, कूल्हों, कोहनी और जबड़े शामिल हैं।
फ्रैक्चर (Fractures)
फ्रैक्चर अचानक या समय के साथ उस हड्डी पर बार-बार तनाव (फ्रैक्चर) के रूप में हो सकता है।
जोड़ों में चोट (Joint injuries)
वे अक्सर जोर से मुड़ने या तेज झुकने की गतिविधियों, लैंडिंग, वार्म-अप के कारण होती हैं। अक्सर घुटने के अंदर और आसपास कार्टिलेज या लिगामेंट को नुकसान होता है।
टेंडन चोटें (Tendon injuries)
टेंडन फट सकते हैं या पूरी तरह टूट सकते हैं जो बेहद दर्दनाक हो सकते हैं। अगर कण्डरा(मोटी नस) पूरी तरह से टूट गई है तो इसे सर्जरी द्वारा मरम्मत की जरूरत होगी।आमतौर पर उम्र बढ़ने पर होती है।
टेंडिनाइटिस (Tendinitis)
यह चोटों को संकेत करता है जो सूजन के साथ होती हैं।
टेंडिनोसिस (Tendinosis)
यह एक पुरानी कंडीशन है जो समय के साथ छोटी टेंडन चोटों से पैदा होती है, जो ठीक नहीं होती है।
टेंडिनोपैथी (Tendinopathy)
टेंडिनोपैथी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कंधे, कोहनी, कलाई, कूल्हे, घुटने और टखने हैं।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर करें। News24 की ओर से किसी जानकारी को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।
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