Cough Problem : इन दिनों काफी लोगों को खांसी-बुखार हो रहा है। इनमें से काफी लोग ऐसे हैं जिनकी खांसी लंबे समय से बनी हुई है। एक के बाद एक सिरप खत्म हो रहे हैं लेकिन खांसी है कि खत्म ही नहीं होती। रात को भी खांसी सोने नहीं देती। ऐसे में दिन का काम प्रभावित होता है। दरअसल, खांसी का लंबे समय तक बने रहने का कारण है सांस की नली और फेफड़ों में लंबे समय तक सूजन बने रहना।
दो तरह की खांसी
खांसी दो तरह की होती है, सूखी और गीली। दरअसल, हमारा शरीर वायरल इन्फेक्शन पर दो तरह से रिऐक्ट करता है। पहला, शरीर में मौजूद ऐंटिबॉडीज सीधे वायरस के खिलाफ लड़ती हैं। इससे किसी भी तरह का स्राव (बलगम या कफ) नहीं होता है तो खांसी सूखी होती है। दूसरा, जब शरीर सांस की नली या फेफड़ों पर चिपके वायरस को हटाने के लिए स्राव निकालता है तो गीली खांसी होती है। अगर वायरस ज्यादा होगा या फिर सूजन ज्यादा होगी तो बलगम भी ज्यादा निकलेगा।
कौन सा सिरप रहेगा सही?
कफ सिरप खरीदने में हम कई बार गलती कर जाते हैं। खांसी गीली है तो डॉक्टर ऐसा सिरप बताता है जो बलगम यानी कफ निकाले। ऐसे सिरप एक्सपेक्टरेंट सिरप कहलाते हैं। वहीं अगर खांसी सूखी है तो डॉक्टर ऐसे सिरप देते हैं जो खांसी की उत्तेजना को कम करें। इन्हें एक्सपेक्टरेंट सिरप कहते हैं। इसलिए अगर किसी को सूखी खांसी है तो डॉक्टर की सलाह से सप्रेसेंट सिरप का इस्तेमाल करें और अगर बलगम वाली खांसी है तो एक्सपेक्टरेंट सिरप का।
ये उपाय भी हैं काम के
- खांसी होने पर गुनगुना पानी पीएं। बेहतर होगा कि पूरे दिन ही गुनगुना पानी पीएं।
- ऐसी चीजें खाने से बचें जो ज्यादा तली हुई और मसाले वाली हों।
- दिन में 2 से 3 बार गुनगुने पानी में बिटाडिन (एक गिलास पानी में आधा चम्मच) या एक चुटकी नमक मिलाकर गरारे करें। अगर बीपी है तो नमक न मिलाएं।
- ठंडी चीजें न खाएं और एसी में सोने से बचें।
- खांसी में आराम न मिलने पर डॉक्टर की सलाह से नेबुलाइजर का इस्तेमाल करें।
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खुद न बनें डॉक्टर
अक्सर देखा जाता है कि काफी लोग खुद की खांसी का सिरप खरीदकर इस्तेमाल करने लगते हैं। ऐसा न करें। डॉक्टर से पूछकर ही कफ सिरप लें। दरअसल, बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सिरप बलगम को फेफड़ों में ही सुखा देते हैं। इससे सांस की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें कि कौन-सा सिरप लेना है। साथ ही नेबुलाइजर का इस्तेमाल भी डॉक्टर की सलाह से करें।
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