हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

CAR T-Cell Therapy से केरल में हुआ कैंसर का पहला सफल टेस्ट, जानें कितना फायदेमंद

कैंसर की बीमारी से लड़ने के लिए हमें नई और आधुनिक तकनीकों की जरूरत होती है। कार टी-सेल थेरेपी के बारे में तो आपने सुना होगा। यह ब्लड कैंसर से सुरक्षा पाने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसका इस्तेमाल केरल के मरीज पर किया गया और यह परीक्षण सफल भी रहा है। आइए जानते हैं।

विज्ञापन

Cancer Prevention Therapy: कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। इस रोग से बचाव करना जरूरी होता है क्योंकि इलाज होने के बावजूद भी इस बीमारी से जान जाने का रिस्क फिर भी बना रहता है। कैंसर की बीमारी को लेकर आए दिन कोई न कोई रिसर्च और स्टडी होती रहती है, जिसमें बीमारी को लेकर दवाओं, ड्रग्स और थेरेपी के बारे में पुष्टि की जाती है। CAR T-सेल थेरेपी के बारे में आपने सुना ही होगा, यह कैंसर के लिए बनाई गई एक थेरेपी है। इस थेरेपी के माध्यम से शरीर के इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग किया जाता है, ताकि कैंसर की बीमारी को फैलने से रोका जा सके। केरल में एक मरीज पर इस टेस्ट का प्रयोग किया गया है, जो सफल भी साबित हुआ।

ये भी पढ़ें- नींद की कमी से बढ़ता है इन बीमारियों का रिस्क!

रोगी का इलाज हुआ सफल

केरल के तिरुवनंतपुरम में कीम्स हेल्थ सेंटर में एक 47 वर्ष के कैंसर पीड़ित को सी आरटी सेल थेरेपी के उपचार के माध्यम से रोगमुक्त किया गया। मरीज को B-Cell non hodgkin’s lymphoma (NHL) टाइप का कैंसर था, जो बी सेल्स में होता है। यह व्हाइट सेल का हिस्सा होता है। इससे ल्यूकेमिया का रिस्क बढ़ता है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करता है। इलाज करने वाली टीम ने बताया कि मरीज की थेरेपी की सभी 6 चरण किए जा चुके थे लेकिन बचने की संभावना काफी कम थी।

विज्ञापन

कैसे हुआ इलाज

कीम्स हेल्थ के हेमाटो-ऑनकोलोजी डिपार्टमेंट के कंसलटेंट डॉक्टर बिजय पी नायर बताते हैं कि थेरेपी का फैसला कीमो के बाद लिया गया था। इस प्रोसेस में मरीज के शरीर के टी सेल्स को लैब में मोडिफाई किया गया था और आर्टिफिशियल टी सेल्स को शरीर में इंसर्ट किया गया था। इन टी सेल्स ने कैंसर के सेल्स को नष्ट करने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

cancer causes

विज्ञापन

CAR T-सेल थेरेपी क्या है?

यह एक ऐसी थेरेपी है जिसमें शरीर के इम्यून सेल्स को मजबूत किया जाता है, जिससे कैंसर के सेल खुद ही शरीर के अंदर ही नष्ट हो जाएंगे। भारत में इसके ट्रायल चल रहे हैं। द लैंसेट की भी एक रिपोर्ट इस टी-सेल थेरेपी के बारे में पॉजिटिव आउटकम्स के बारे में पुष्टि कर चुकी है। इस थेरेपी को मुख्यत: उन्हें दिया जाता है, जिन्हें दोबारा कैंसर हो जाता है।

ये भी पढ़ें- Eye Symptom: आंखों में यह संकेत छीन सकता है देखने की शक्ति, डॉक्टर ने बताई वजह

विज्ञापन

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

Namrata Mohanty 

@namratamohanty105

Namrata Mohanty

... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola