Cancer Cause: सूरज की रोशनी शरीर में एनर्जी और विटामिन डी की कमी को पूरा करने में मदद करता है। वहीं, ज्यादा धूप में रहने से स्किन कैंसर होने का खतरा होता है, जिसके कारण कई लोग सावधानी बरतते हैं, लेकिन सूरज से पूरी तरह से बचने से हेल्थ पर भी गंभीर असर पड़ सकता है, जिसमें कुछ कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। वडोदरा के भाईलाल अमीन जनरल अस्पताल में कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नीरज भट्ट ने बताया कि कई बार धुप में न रहने से कुछ कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. नीरज भट्ट के अनुसार, शरीर को सूरज की रोशनी न मिलने से ब्रेस्ट कैंसर प्रोस्टेट कैंसर, कोलन कैंसर और अन्य कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। विटामिन डी जीन एक्सप्रेशन, सेल डिफ्रेंटिएशन और एपोप्टोसिस को प्रभावित करता है, जो कैंसर सेल्स को रोकने में मदद करते हैं।
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन डी का लेवल हाई होने से कोलोरेक्टल कैंसर कम होता है, क्योंकि विटामिन डी की सेल ग्रोथ को कंट्रोल करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। विटामिन डी का लेवल कम होने से महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन डी ब्रैस्ट टिश्यू कोशिकाओं को प्रभावित करता है, जिससे गंभीर बदलाव होने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, विटामिन डी की कमी प्रोस्टेट और डिम्बग्रंथि के कैंसर के खतरे को भी बढ़ा सकती है।
डॉ. नीरज भट्ट ने बताया कि कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना भी जरूरी होता है। सूरज की रोशनी टी-कोशिका एक्टिविटी को कंट्रोल करके और सूजन को कम करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। वहीं अगर आप ज्यादा धूप में रहते हैं, तो स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ये ध्यान रखें कि मध्यम धूप में रहें। साथ ही सप्ताह में 3 से 4 दिन 15 से 30 मिनट धूप में बिताने से विटामिन डी का लेवल सही रहता है।
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