Bladder Cancer: मूत्र प्रणाली को प्रभावित करने वाला कैंसर मूत्राशय का कैंसर (Mutrashay Ka Cancer) होता है जिसे पेशाब की थैली का कैंसर भी कहा जाता है. इस कैंसर के चेतावनी संकेतों और लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी होता है नहीं तो कंडीशन बिगड़ती चली जाती है. मूत्राशय तिकोनी शेप का ऑर्गन है जो हिप बोन के बीच में और किडनी के नीचे और यूरेथ्रा के ऊपर होता है. किडनी से फिल्टर होकर पेशाब मूत्राशय में आता है और यहीं से मूत्रनली से होते हुए बाहर निकलता है. इसीलिए पेशाब में मूत्राशय के कैंसर के शुरुआती लक्षण (Mutrashay Ke Cancer Ke Lakshan) नजर आते हैं. ब्लैडर कैंसर के लक्षण कैसे दिखते हैं और कैसे पहचाने जा सकते हैं, जानिए यहां.
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मूत्राशय के कैंसर के क्या लक्षण हैं
पेशाब में खून - हेमेटुरिया या पेशाब में खून नजर आना मूत्राशय के कैंसर का लक्षण हो सकता है. इसमें हर समय पेशाब में खून नजर नहीं आता है लेकिन कई बार खून दिख सकता है. ऐसे में यूरिन टेस्ट करवाना जरूरी है जिससे मूत्राशय के कैंसर का पता लगाया जा सके.
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जलन महसूस होना - पेशाब में जलन महसूस होना, पेशाब करते हुए असहजता महसूस होना या फिर पेशाब करते हुए दर्द महसूस होना मूत्राशय के कैंसर का लक्षण हो सकता है.
बार-बार पेशाब करने जाना - बार-बार पेशाब आना या ऐसा महसूस होना कि आपको पेशाब आ रहा है ब्लैडर की दिक्कत या ब्लैडर कैंसर का संकेत (Bladder Cancer Sign) हो सकता है.
पेल्विक फ्लोर में दर्द - अगर आपके पेल्विक फ्लोर यानी हिप्स के नीचे के हिस्से में दर्द और डिस्कंफर्ट महसूस होता है तो यह ब्लैडर कैंसर का लक्षण हो सकता है.
बिना वजह वजन कम होना - अगर आप वजन घटाने की कोशिश नहीं कर रहे और तब भी आपका वजन कम हो रहा है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है.
कमजोरी और थकान - अगर आपको पेशाब से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं, मूत्राशय के आस-पास दर्द महसूस होता है और कमजोरी या हर समय थकान महसूस होती है तो यह मूत्राशय के कैंसर का बड़ा लक्षण हो सकता है. इस लक्षण को इग्नोर करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
किन लोगों को हो सकता है ब्लैडर कैंसर
- 70 साल की उम्र के बाद ब्लैडर कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है.
- तंबाकू का सेवन करने वाले और धूम्रपान करने वाले लोगों को ब्लैडर कैंसर हो सकता है.
- केमिकल्स के संपर्क में आने वाले लोगों को ब्लैडर कैंसर होने का खतरा रहता है.
- यह कैंसर उन लोगों को अपनी चपेट में जल्दी लेता है जिनके परिवार में किसी को कभी कैंसर हुआ हो.
- मूत्राशय की लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों के कारण ब्लैडर कैंसर हो सकता है. क्रोनिक ब्लैडर प्रॉब्लम्स के अलावा बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होना भी मूत्राशय के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.