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कोरोना के बाद अब ‘निपाह वायरस’ का खौफ! शरीर में दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सतर्क

कोरोना के बाद लोगों के बीच निपाह वायरस का डर देखने को मिल रहा है. हाल में इस वायरस से जुड़े कुछ मामलों की पुष्टि के बाद एशिया की कई स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट में आ गई हैं. आइए जानते हैं क्या है ये वायरस और कैसे लोगों को बना रहा शिकार?

निपाह वायरस का बढ़ रहा खतरा. (Image: AI)

कोरोना का समय लोगों के दिल व दिमाग पर ऐसी बुरी याद छोड़ गया है, जिसे भुला पाना बहुत मुश्किल है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इस वायरस के संक्रमण में आए और दुनियाभर में बहुत लोगों की मौत तक हुई. ऐसे में भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरल इंफेक्शन के मामलों की पुष्टि होने के बाद लोगों के दिल में इस वायरस को लेकर भी कोरोना जैसा ही डर बैठ गया है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है निपाह वायरस और कैसे दिखते हैं इसके लक्षण?

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निपाह वायरस को लेकर अलर्ट में स्वास्थ्य एजेंसियां

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब से निपाह वायरस से जुड़े मामलों की पुष्टि हुई है, इसके बाद से ही एशिया के कई स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं. अबतक इस वायरस के 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोगों को एहतियात रखते हुए क्वारंटीन में रखा गया है, ताकि संक्रमण होने पर इस वायरस को वक्त रहते रोका जा सके.

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क्या है निपाह वायरस

निपाह वायरस एक गंभीर और दुर्लभ संक्रमण है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है. यह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों और सूअरों के संपर्क में आने से फैलता है. दूषित फल, कच्चा जूस या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से भी इसका खतरा हो सकता है.

कोरोना से कितना खतरनाक है ये वायरस? कैसे फैलता है

रिपोर्ट्स बताते हैं कि निपाह वायरस कोविड-19 के मुकाबले कहीं अधिक घातक है. इसका फेटैलिटी रेट बहुत ज्यादा माना जाता है, जो लगभग 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकता है. हालांकि, इसे अभी तक अत्यधिक संक्रामक नहीं माना जाता. ऐसे में आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि क्या ये वायरस भी कोविड-19 की तरह हवा के जरिए फैल रहा है.

कई देशों में अलर्ट

इस वायरस के मामले भले ही बहुत कम मिले हों, लेकिन एशिया के कई देशों ने एक बार फिर ट्रैवल स्क्रीनिंग और हेल्थ मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड ने सुवर्णभूमि, डॉन मुआंग और फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू कर दी गई है. 25 जनवरी 2026 से तापमान जांच और स्वास्थ्य दस्तावेजों की स्कैनिंग की जा रही है.

क्या है इस वायरस के लक्षण

इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी और गले में खराश शामिल हैं, जबकि गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन और बेहोशी जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है. फिलहाल निपाह का कोई पुख्ता इलाज या वैक्सीन मौजूद नहीं है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.

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