P-20 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोले PM मोदी- आपसी टकराव से किसी का फायदा नहीं, साथ मिलकर चलना होगा
Author: Rakesh Choudhary
Oct 13, 2023 12:23 PM IST
PM Narendra Modi P20 Summit Inauguration Speech Update: पीएम मोदी ने दिल्ली में आज यानी 13 अक्टूबर को 9वें जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन की थीम एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद रखी गई है। इस सम्मेलन में 25 देशों के प्रिजाइडिंग ऑफिसर और जी-20 सदस्य देशों के 10 डिप्टी स्पीकर शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन द्वारका स्थित नवनिर्मित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में हो रहा है।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह समिट एक प्रकार से दुनियाभर की अलग-अलग पार्लियामेंट का महाकुंभ है। आप सभी महानुभव अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आप सभी का इस समिट के लिए भारत आना बहुत बड़ी खुशी की बात है। भारत में इन दिनों में त्योहार का सीजन है। लेकिन हमने जी-20 समिट के कारण भारत के अलग-अलग शहरों में पूरे साल उत्सव जैसा माहौल बनाए रखा है।
पीएम ने कहा कि भारत इस साल चंद्रमा पर उतरा। इसके अलावा भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की। आज हम पी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन शक्ति का जश्न मनाने का माध्यम है। पी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत में किया जा रहा है। यह वो भारत है जिसे लोकतंत्र की जननी कहा जाता है। इसके साथ ही भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर की संसदें बहस और विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान हैं।
पीएम मोदी ने दुनिया में कई देशोें के बीच चल रहे युद्धों को लेकर कहा कि संघर्षों और टकराव से भरी दुनिया किसी को फायदा नहीं पहुंचा सकती। एक विभाजित दुनिया हमारे सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान नहीं दे सकती। यह शांति और भाईचारे का समय है, साथ मिलकर चलने का समय है, एक साथ आगे बढ़ने का समय है। यह समय सबके विकास और कल्याण का है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत कई वर्षों से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है। लगभग 20 साल पहले, आतंकवादियों ने हमारी संसद को उस समय निशाना बनाया था जब सत्र चल रहा था। दुनिया भी महसूस कर रही है कि यह कितना बड़ा है। आतंकवाद दुनिया के लिए एक चुनौती है और यह मानवता के खिलाफ है। दुनिया की संसदों और उनके प्रतिनिधियों को इस पर विचार करना होगा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में कैसे मिलकर काम किया जाए।
समिट में शामिल नहीं होगी कनाडा की स्पीकर
बता दें कि 13-14 अक्टूबर को आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में 4 सत्र होंगे। समिट के सभी कार्यक्रमों की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और स्पीकर ओम बिड़ला करेंगे। वहीं कनाडा की स्पीकर रेमोंडे गैग्रे इस समिट में शामिल नहीं होगी। उन्होंने भारत-कनाडा के बीच चल रहे खालिस्तानी विवाद को देखते हुए भारत नहीं आने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि राजधानी नई दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी-20 समिट का आयोजन किया गया था। इसमें दुनिया के टाॅप-20 देशों के नेता आपस में बड़ी गर्मजोशी से मिले थे। जी-20 सम्मेलन के घोषणापत्र पर सभी देशों ने सहमति जताई। समिट के दौरान भारत समेत कई देशों ने यूएन सुरक्षा परिषद् के बदलाव के मुद्दे को भी उठाया था। इसके अलावा एशिया से यूरोप तक नये इकाॅनोमिक कोरिडोर की भी घोषणा की गई थी।