पीएम मोदी जिस Mahakal Corridor की दे रहे हैं सौगात, जानें क्या है उसकी खासियत
Author: Amit Kasana
Oct 12, 2022 10:53 AM IST
मध्यप्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्जैन में जिस महाकाल कॉरिडोर को आज जनता को समर्पित कर रहें हैं, वह कई मायनों में अलग है। आईए आपको बतातें हैं कि उसकी खासियत क्या हैं। क्यों वह अन्य कॉरिडोर से अलग और भव्य है।
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856 करोड़ रुपये की लागत से तैयार
केदारनाथ में नवनिर्माण, काशी विश्वनाथ में परिसर के विस्तार और सोमनाथ में नव्य निर्माण के बाद महाकालेश्वर मंदिर चौथा ज्योतिर्लिंग है। जिसता कायाकल्प किया गया है। प्रधानमंत्री उज्जैन में 856 करोड़ रुपये की लागत से तैयार महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर विकास परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन कर रहें हैं। यहां 108 बलुआ पत्थर से तैयार स्तंभ बनाए गए हैं।
Mahakal Corridor
53 प्रबुद्ध भित्ति चित्र
इसके शीर्ष पर ‘त्रिशूल’ डिजाइन की गई है और भगवान शिव की ‘मुद्रा’ है। यहां देवता की कलात्मक मूर्तियों के साथ-साथ शिव पुराण की कहानियों को दर्शाने वाले 53 प्रबुद्ध भित्ति चित्र भी हैं। जानकारी के मुताबिक करीब 900 मीटर से ज्यादा लंबा महाकाल लोक कॉरिडोर पुरानी रुद्र सागर झील के चारों ओर फैला हुआ है।
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर
बता दें कि उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पुनर्विकास योजना के तहत रुद्र सागर झील को पुनर्जीवित किया गया है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
महाकाल कॉरिडोर
महाकाल मंदिर 108 स्तंभों पर टिका
इसके गलियारे के लिए दो भव्य एंट्री गेट-नंदी द्वार और पिनाकी द्वार बनाए गए हैं। यह गलियारा मंदिर के मेन गेट तक जाता है। करीब 910 मीटर का ये पूरा महाकाल मंदिर 108 स्तंभों पर टिका है। महाकवि कालिदास के महाकाव्य मेघदूत में महाकाल वन की परिकल्पना पर बनाया गया है।
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500 प्रतिमाएं और शिव पुराण की कहानियां
उज्जैन के महाकाल लोक पूरा दर्शन और भ्रमण करने में करीब 8 घंटे का समय लगेगा। प्रत्येक मूर्ति की महिमा का वर्णन लोग अपने मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर स्कैन कर सुन सकेंगे। यहां करीब 500 प्रतिमाएं और शिव पुराण की कहानियां लोगों को देखने और सुनने के लिए हैं। करीब 50 से ज्यादा भित्ति चित्रों का एक पैनल है।
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