अमित कसाना, नई दिल्ली: अगर आप भी बिना पूछताछ अपना पैन कार्ड यूं ही किसी को दे देते हैं। जिस काम के लिए पैन कार्ड दे रहें हों उसके लिए उसे सेल्फ अटेस्टेड नहीं करते तो सावधान हो जाएं। बिहार में एक दिहाड़ी मजदूर गिरिश यादव को 37.5 लाख रुपए जीएसटी का नोटिस आय है। इतनी बड़ी रकम का नोटिस देख उसके होश फाख्ता हो गए।
गिरीश खगड़िया जिले के मघौना गांव का रहने वाला है।
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लोगों को पता चला तो उसके घर ग्रामीणों का तांता लग गया। मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची। जिला प्रशासन भौंचक्का रह गया कि मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले मजदूर के घर इतनी बड़ी रकम का टैक्स नोटिस कैसे आया। जांच की गई तो मामले के तार राजस्थान के पाली में जुड़े। यह नोटिस मां वैष्णों ट्रेडिंग कंपनी के नाम से था। यह कंपनी गिरिश कुमार के पैन कार्ड का इंतजार कर खोली गई थी।
बैंक खाता खुलवाने को दिया था
आगे छानबीन में पता चला कि गिरिश ने किसी दलाल के जरिए पैन कार्ड बनवाया था। उसने पैन कार्ड आगे बैंक में खाता खुलवाने के लिए किसी को दिया था। अब पुलिस समेत अन्य सेंट्रल जांच एजेसियां मामले की छानबीन में जुटी हैं। कंपनी, पैन कार्ड बनवाने वाले की तलाश की जा रही है। अब तक की जांच से पता चलता है कि किसी ने धोखाधड़ी से गिरिश का पैन कार्ड इस्तेमाल किया। जिसके बाद यह पूरा प्रकरण हुआ है।
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इससे पहले अक्टूबर 2021 में उत्तर प्रदेश के एक रिक्शा चालक को आयकर विभाग से 3.5 करोड़ रुपये का नोटिस मिला था। रिक्शा चालक ने कथित तौर पर यूपी के मथुरा जिले में पुलिस से संपर्क किया था। उसे आयकर विभाग से करीब 3.5 करोड़ रुपए बकाया भुगतान करने का नोटिस मिला था।
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