जोमेटो CEO दीपिंदर गोयल के माथे पर दिखा अजीब डिवाइस, क्या है ये जिसने इंटरनेट को किया हैरान?

Zomato CEO दीपिंदर गोयल के पॉडकास्ट इंटरव्यू में उनके माथे पर दिखा एक छोटा सा डिवाइस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मीम्स से लेकर साइंस तक, सबने सवाल किया आखिर यह क्या है और क्यों पहना गया है?

Deepinder Goyal Temple

Deepinder Goyal के माथे पर लगा क्या है ये रहस्यमयी डिवाइस? (Photo- Raj Shamani Youtube)

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Deepinder Goyal Mystery Device: जोमेटो के CEO दीपिंदर गोयल हाल ही में राज शमानी के मशहूर पॉडकास्ट Figuring Out में नजर आए. लेकिन इस बार चर्चा उनके स्टार्टअप अनुभव या बिजनेस सोच की नहीं थी. लोगों की नजर उनके माथे पर लगे एक छोटे से मेटल डिवाइस पर टिक गई. कैमरे में दिखते ही यह डिवाइस सोशल मीडिया पर छा गया और लोग अंदाजे लगाने लगे कि आखिर यह है क्या.

पॉडकास्ट से ज्यादा डिवाइस की चर्चा

पॉडकास्ट के दौरान दीपिंदर गोयल के टेंपल यानी माथे के साइड में लगा यह छोटा सा गैजेट चुपचाप अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा था. इंटरनेट यूजर्स ने तुरंत इस पर जूम किया और मीम्स की बाढ़ आ गई. किसी ने इसे च्यूइंग गम बताया, तो किसी ने मजाक में कहा कि यह दिमाग में लगा एक्सटर्नल SSD है, जिसमें बिजनेस आइडियाज सेव होते हैं.

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क्या है यह ‘Temple’ डिवाइस

इस रहस्यमयी डिवाइस का नाम है ‘Temple’. यह एक एक्सपेरिमेंटल वियरेबल है, जिसे दिमाग में ब्लड फ्लो को रियल टाइम में ट्रैक करने के लिए बनाया गया है. इसका मकसद यह समझना है कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग में खून का प्रवाह कैसे बदलता है और इसका न्यूरोलॉजिकल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है.

आम लोगों के लिए नहीं है यह डिवाइस

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हां साफ कर देना जरूरी है कि Temple कोई कंज्यूमर प्रोडक्ट नहीं है. यानी यह न तो बाजार में बिकता है और न ही आम लोग इसे खरीद सकते हैं. इसे दीपिंदर गोयल की निजी रिसर्च कंपनी Eternal के तहत डेवलप किया जा रहा है और फिलहाल यह पूरी तरह रिसर्च स्टेज में है.

खुद पर कर रहे हैं टेस्ट

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दीपिंदर गोयल ने बताया कि वह इस डिवाइस को किसी दिखावे के लिए नहीं पहन रहे थे. वह इसे पिछले करीब एक साल से खुद पर टेस्ट कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट का आइडिया Gravity Ageing Hypothesis पर काम करते वक्त आया.

Gravity Ageing Hypothesis क्या है

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इस थ्योरी के मुताबिक, दशकों तक गुरुत्वाकर्षण यानी ग्रैविटी का असर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ सकता है, खासकर दिमाग तक खून पहुंचने की प्रक्रिया पर. माना जा रहा है कि इसका संबंध उम्र बढ़ने से हो सकता है. हालांकि कई वैज्ञानिक इस बात से सहमत नहीं हैं और मानते हैं कि एजिंग सिर्फ ग्रैविटी से नहीं समझी जा सकती.

कितना पैसा लगा चुके हैं दीपिंदर गोयल

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिंदर गोयल ने इस रिसर्च के लिए अपनी निजी संपत्ति से करीब 25 मिलियन डॉलर यानी लगभग 225 करोड़ रुपये निवेश किए हैं. यह निवेश ‘Continue Research’ नाम की पहल के तहत किया गया है. गोयल साफ कह चुके हैं कि यह पैसा किसी प्रोडक्ट को लॉन्च करने के लिए नहीं, बल्कि जिज्ञासा आधारित रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए है.

वैज्ञानिकों की प्रतिक्रिया

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हर कोई इस डिवाइस की संभावनाओं से प्रभावित नहीं है. AIIMS दिल्ली के फिजिशियन-साइंटिस्ट डॉ. दत्ता एम.डी. ने इसे लेकर खुलकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में इस डिवाइस की “कोई वैज्ञानिक उपयोगिता नहीं” है और लोगों को ऐसे “फैंसी अरबपति खिलौनों” पर अपनी कमाई खर्च नहीं करनी चाहिए.
फिलहाल Temple वहीं खड़ा है, जहां से शुरू हुआ था रिसर्च जोन में. यह न तो आपके Zomato ऐप में जुड़ने वाला फीचर है और न ही कोई अगला स्मार्टवॉच. यह भविष्य में ब्रेन हेल्थ की दिशा बदल सकता है या सिर्फ एक निजी प्रयोग बनकर रह सकता है.

इंटरनेट की नजर बनी रहेगी

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एक बात तय है, चाहे यह डिवाइस मेडिकल ब्रेकथ्रू बने या नहीं, इंटरनेट की नजर इस पर बनी रहेगी. और हां, मीम्स उससे भी तेजी से बनते रहेंगे.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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