दुनिया के टॉप 20 देश जहां स्क्रीन टाइम है सबसे ज्यादा? जानें कौन है सबसे आगे और कितने नंबर पर भारत

World Highest Screen Time Countries: डिजिटल युग में स्क्रीन टाइम एक गंभीर वैश्विक मुद्दा बन गया है. ओमा की ताजा रिपोर्ट ने उन टॉप 20 देशों की सूची जारी की है, जहां लोग अपना सबसे ज्यादा वक्त मोबाइल और कंप्यूटर पर बिता रहे हैं.

Which Countries Spend the Most Time on Screens

सबसे ज्यादा स्क्रीन टाइम वाले देश

Highest Screen Time Countries: साल 2025 की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर के लोग अपना ज्यादातर वक्त मोबाइल और कंप्यूटर की स्क्रीन पर बिता रहे हैं. ओमा (Ooma) के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका सबसे ऊपर है, जहां लोग हर दिन औसतन 9 घंटे और 24 मिनट स्क्रीन के सामने गुजारते हैं. इसके ठीक बाद ब्राजील का नंबर आता है जहां लोग रोजाना 9 घंटे 13 मिनट स्क्रीन को देते हैं. फिलीपींस में यह समय 8 घंटे 52 मिनट है, जबकि कोलंबिया और अर्जेंटीना के लोग भी हर दिन 8 घंटे से ज्यादा वक्त डिजिटल डिवाइस पर बिताते हैं. चिली, रूस और मलेशिया जैसे देशों में भी स्क्रीन टाइम 8 घंटे के पार बना हुआ है, जो यह बताने के लिए काफी है कि दुनिया अब पूरी तरह से डिजिटल दुनिया की गुलाम हो चुकी है.

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अन्य देशों का हाल (Highest Screen Time Countries)

रिपोर्ट में शामिल अन्य देशों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती है. संयुक्त अरब अमीरात (U.A.E.) में लोग हर दिन 8 घंटे 11 मिनट स्क्रीन पर बिताते हैं, जबकि थाईलैंड और मिस्र में यह समय क्रमशः 7.58 घंटे और 7.55 घंटे है. इंडोनेशिया, मेक्सिको और पुर्तगाल जैसे देशों में भी लोग 7 घंटे से अधिक वक्त स्क्रीन के सामने ही रहते हैं. आश्चर्य की बात यह है कि बुल्गारिया, इजराइल और ताइवान जैसे देशों में भी लोग हर दिन औसतन 7 घंटे से ज्यादा मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं. इस लिस्ट में शामिल देशों के आंकड़े यह चेतावनी दे रहे हैं कि इंसान अब अपनी वास्तविक दुनिया से ज्यादा डिजिटल स्क्रीन में खोया रहता है, जो आने वाली पीढ़ी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है.

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टॉप 20 लिस्ट में शामिल प्रमुख देशों के आंकड़े

इस लिस्ट में नीचे की ओर आने पर भी आंकड़े चौंकाने वाले हैं. सऊदी अरब में स्क्रीन टाइम 7.09 घंटे और अमेरिका (U.S.A.) में 7.03 घंटे दर्ज किया गया है. लिस्ट में 20वें नंबर पर तुर्की है, जहां लोग रोजाना औसतन 6.57 घंटे स्क्रीन पर बिता रहे हैं. ओमा की इस रिपोर्ट में 16 से 64 वर्ष की आयु के लोगों को शामिल किया गया है, जिससे पता चलता है कि कामकाजी आबादी अपनी जिंदगी का एक तिहाई हिस्सा केवल स्क्रीन देखने में ही बर्बाद कर रही है. दक्षिण अफ्रीका का टॉप पर होना और बाकी देशों का 7 से 9 घंटे के बीच रहना यह साफ संकेत देता है कि डिजिटल मनोरंजन और काम अब हमारी सेहत पर भारी पड़ने लगा है. भारत इस मामले में 23वें स्थान पर है, जहां स्क्रीन टाइम 6 घंटे 45 मिनट प्रतिदिन रहता है.

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स्क्रीन टाइम अधिक होने के गंभीर नुकसान

जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम आपके शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है. सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है, जिससे कम उम्र में ही रोशनी कमजोर होना और ड्राई आई की समस्या आम हो गई है. घंटों एक ही स्थिति में बैठकर स्क्रीन देखने से गर्दन, पीठ और कंधों में दर्द की शिकायत होने लगती है जिसे ‘टेक नेक’ कहा जाता है. इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी कम होने की वजह से मोटापा तेजी से बढ़ता है, जो आगे चलकर डायबिटीज और दिल की बीमारियों का रास्ता खोलता है. मानसिक तौर पर भी यह लत लोगों में तनाव, चिड़चिड़ापन और अकेलेपन को बढ़ावा दे रही है. समय रहते स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करना अब आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी हो गया है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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