सुबह और शाम की ठंडक बढ़ने लगी है. ऐसे में घरों में AC की जगह अब गीजर का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा. लेकिन सर्दियों में गर्म पानी की जरूरत पूरी करने वाला यही गीजर बिजली बिल भी बढ़ा सकता है. आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाले गीजर 2,000 से 3,000 वॉट की क्षमता के होते हैं और बिजली की खपत भी काफी करते हैं. हालांकि, कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप गीजर से गर्म पानी भी पा सकते हैं और बिजली की बचत भी कर सकते हैं. इसके लिए तापमान की सही सेटिंग से लेकर गीजर की समय पर सर्विसिंग तक, इन 4 बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
गीजर चलाने से पहले जान लें ये 4 बातें
1. गीजर का तापमान 45 से 50 डिग्री पर सेट करें
कई गीजर में डिफॉल्ट तापमान 60 से 75 डिग्री सेल्सियस तक होता है. अगर आप इसी सेटिंग पर गीजर चलाते हैं, तो पानी को ज्यादा गर्म करने में बिजली खर्च हो सकती है. ऐसे में गीजर के थर्मोस्टेट का तापमान घटाकर 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
इससे पानी जरूरत के मुताबिक गर्म होगा और तय तापमान पर पहुंचने के बाद गीजर का ऑटो-कट फीचर हीटिंग बंद कर देगा. साथ ही, पानी बहुत ज्यादा गर्म होने पर उसमें ठंडा पानी मिलाने की जरूरत भी कम हो सकती है.
2. टाइमर या स्मार्ट प्लग से तय करें गीजर की टाइमिंग
गीजर में ऑटो-कट फीचर होने का मतलब यह नहीं है कि उसे दिनभर चालू छोड़ दिया जाए. जरूरत के मुताबिक गीजर को करीब 15 से 20 मिनट चलाकर बंद कर दें. इससे बेवजह बिजली खर्च होने से बचने में मदद मिल सकती है.
अगर आप अक्सर गीजर बंद करना भूल जाते हैं, तो 16A रेटिंग वाला स्मार्ट प्लग इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते वह गीजर के लोड के लिए उपयुक्त हो. इसमें टाइमर सेट करके गीजर के चालू और बंद होने का समय तय किया जा सकता है. इससे हर बार गीजर बंद करने की चिंता भी कम होगी.
3. जरूरत के हिसाब से चुनें गीजर की क्षमता
अगर आप नया गीजर खरीदने की सोच रहे हैं, तो उसकी स्टार रेटिंग के साथ क्षमता पर भी ध्यान दें. 5-स्टार रेटिंग वाला मॉडल चुनने से बिजली की बचत में मदद मिल सकती है. इसके अलावा, घर में कितने लोग गीजर का इस्तेमाल करेंगे, यह देखकर उसकी क्षमता तय करें.
- 1 से 2 लोगों के लिए-15 लीटर का गीजर इस्तेमाल किया जा सकता है.
- चार सदस्यों वाले परिवार के लिए- 25 लीटर का गीजर एक विकल्प हो सकता है.
- रसोई में बर्तन धोने के लिए- 1 से 3 लीटर का इंस्टेंट गीजर इस्तेमाल किया जा सकता है.
जरूरत से ज्यादा क्षमता वाला गीजर खरीदने से बचें. सही क्षमता चुनने से गर्म पानी की जरूरत पूरी करने के साथ बिजली की खपत को भी नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है.
4. साल में एक बार जरूर कराएं गीजर की सर्विसिंग
गीजर की बिजली खपत बढ़ने की एक वजह उसके अंदर जमा होने वाली परत भी हो सकती है. खासकर उन इलाकों में, जहां पानी खारा होता है, वहां गीजर की हीटिंग रॉड पर नमक और मिनरल्स की परत जम सकती है. इससे पानी गर्म करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और गीजर को ज्यादा समय तक चलाना पड़ सकता है. इसलिए साल में कम से कम एक बार गीजर की सर्विसिंग कराएं. जरूरत पड़ने पर हीटिंग रॉड की सफाई करवाएं और एनोड रॉड की जांच कराकर उसे बदलवाएं.
गीजर की बिजली खपत उसकी क्षमता, इस्तेमाल के समय, पानी के तापमान और मॉडल पर निर्भर करती है. इसलिए सिर्फ टाइमर या तापमान बदलने से हर घर में एक जैसी बचत नहीं होगी.