UPI को लेकर बड़ा अपडेट, विदेश जाने वाले यात्रियों को मिलेगी सुविधा, अब दुनिया भर में आसानी से होगा पेमेंट!

अब विदेश यात्रा में न कैश की झंझट, न कार्ड के भारी चार्ज! भारत सरकार UPI को ग्लोबल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है. Alipay+ से संभावित साझेदारी हुई तो भारतीय यूजर्स दुनिया के कई देशों में सीधे UPI से पेमेंट कर सकेंगे. फैसला अभी बाकी है, लेकिन असर ऐतिहासिक हो सकता है.

UPI विदेशों में भी चलेगा.

UPI विदेशों में भी चलेगा.

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UPI Global Payment: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम जल्द ही एक नई ग्लोबल पहचान हासिल कर सकता है. सरकार कथित तौर पर एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिससे भारतीय यूजर्स विदेशों में भी ठीक उसी तरह UPI से भुगतान कर सकें, जैसे वे देश के भीतर करते हैं. इस दिशा में चीन से जुड़ी लेकिन सिंगापुर स्थित फिनटेक कंपनी एंट इंटरनेशनल के प्लेटफॉर्म Alipay+ को UPI से जोड़ने पर बातचीत चल रही है. अगर यह योजना अमल में आती है, तो यह भारत के डिजिटल भुगतान इतिहास का बड़ा मोड़ साबित हो सकती है.

UPI को ग्लोबल बनाने की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार Alipay+ को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI से जोड़ने की संभावना पर विचार कर रही है. इसका मकसद UPI को सिर्फ भारत तक सीमित न रखकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाना है. इस पहल से भारतीय यूजर्स को विदेशों में भी अपने मोबाइल से सीधे UPI पेमेंट करने की सुविधा मिल सकती है.

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विदेश यात्रा में भारतीयों को बड़ी राहत

अगर यह साझेदारी होती है, तो इसका सबसे सीधा फायदा भारतीय पर्यटकों को मिलेगा. जिन देशों और बाजारों में Alipay+ का नेटवर्क मौजूद है, वहां भारतीय यात्री दुकानों, होटलों और सर्विस प्रोवाइडर्स पर सीधे UPI से भुगतान कर सकेंगे. इससे न तो विदेशी मुद्रा बदलने की जरूरत पड़ेगी और न ही महंगे इंटरनेशनल कार्ड चार्ज देने होंगे.

Alipay+ का बड़ा इंटरनेशनल नेटवर्क

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कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Alipay+ का नेटवर्क दुनिया के कई हिस्सों में फैला हुआ है. यह करीब 1.8 अरब यूजर अकाउंट्स और 15 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स को जोड़ता है. एशिया, यूरोप, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में इसकी मौजूदगी है. ऐसे में UPI को इससे जोड़ना भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित कर सकता है.

भारत में UPI की मजबूत पकड़

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देश के भीतर UPI पहले ही डिजिटल भुगतान का सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय जरिया बन चुका है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हर महीने UPI के जरिए करीब 18 अरब लेनदेन हो रहे हैं. सरकार और रिजर्व बैंक की लंबे समय से कोशिश रही है कि UPI का इस्तेमाल सीमा पार भी बढ़े, ताकि भारतीय नागरिक और प्रवासी भारतीय रुपये में ही भुगतान कर सकें.

सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सबसे अहम

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हालांकि, इस संभावित समझौते को लेकर सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी अहम हैं. चीन से जुड़े प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी को लेकर डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों पर बारीकी से विचार किया जाएगा. यही वजह है कि किसी भी अंतिम फैसले से पहले सभी पहलुओं की गहन जांच जरूरी मानी जा रही है.

भारत–चीन संबंधों में नरमी के संकेत

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बीते कुछ सालों में भारत और चीन के रिश्तों में तनाव के कारण निवेश और तकनीकी सहयोग पर असर पड़ा था. लेकिन हाल के समय में हालात बदलते नजर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा, सीधी उड़ानों की बहाली और वीजा नियमों में ढील जैसे कदम दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार की ओर इशारा करते हैं.

अभी शुरुआती दौर में है बातचीत

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फिलहाल इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वित्त मंत्रालय, RBI और NPCI की ओर से भी कोई बयान सामने नहीं आया है. बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर बताई जा रही है और अंतिम फैसला सुरक्षा, नीति और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह UPI को सच मायनों में एक ग्लोबल पेमेंट सिस्टम बना सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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