Operation Spider Web: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहा युद्ध अब पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों की ओर मुड़ चुका है। हाल ही में यूक्रेन ने रूस के खिलाफ एक गुप्त और साहसी ड्रोन ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसे ‘स्पाइडर वेब’ नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन के जरिए यूक्रेन ने रूस के सैन्य हवाई अड्डों पर खड़े 41 बॉम्बर विमानों को क्षतिग्रस्त या पूरी तरह तबाह करने का दावा किया है। खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान की योजना यूक्रेन की खुफिया एजेंसी SBU ने बनाई थी, और इसे राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की स्वयं मॉनिटर कर रहे थे।
18 महीनों तक चला ऑपरेशन की तैयारी का दौर
‘स्पाइडर वेब’ ऑपरेशन कोई रातोंरात बना प्लान नहीं था। इसकी तैयारी पूरे 18 महीनों तक गुप्त रूप से की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विस्फोटक ड्रोन को खासतौर पर लकड़ी के केबिनों में छुपाकर ट्रकों के जरिये रूसी एयरबेस के पास पहुंचाया गया। फिर, सटीक समय का इंतजार करने के बाद वहां से ड्रोन लॉन्च किए गए, जिससे रूस को कोई पूर्व जानकारी नहीं मिल सकी।
AI ड्रोन की एंट्री: युद्ध में तकनीक का नया चेहरा
इस ऑपरेशन में सबसे चौंकाने वाली बात थी कि यूक्रेन ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित ड्रोन का उपयोग किया। ये ड्रोन StratForce नाम की एक यूक्रेनी टेक्नोलॉजी कंपनी ने तैयार किए हैं। इस कंपनी ने ‘GOGOL-M’ नामक एक “मदरशिप ड्रोन” विकसित किया है, जो अपने साथ दो छोटे FPV (First Person View) अटैक ड्रोन लेकर उड़ान भरता है। मदरशिप टारगेट जोन तक जाती है, FPV ड्रोन छोड़ती है, और फिर खुद सुरक्षित वापस लौट आती है, जिससे उसे बार-बार उपयोग किया जा सके।
GPS और इंसानी कंट्रोल से आजाद – स्मार्ट पायलट सिस्टम से लैस
इन ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत उनका AI-संचालित ‘SmartPilot सिस्टम’ है। ये ड्रोन न तो GPS पर निर्भर हैं और न ही किसी इंसानी ऑपरेटर पर। इनकी आंखें कैमरा, LIDAR और अन्य आधुनिक सेंसर होते हैं, जो इन्हें खुद से उड़ने, लक्ष्य पहचानने और हमला करने की क्षमता देते हैं। ये सिस्टम एक ट्रेंड पायलट की तरह फैसले लेते हैं, लेकिन कहीं ज्यादा तेजी और सटीकता से।
कम लागत में बड़ा असर – सिर्फ 10,000 डॉलर में पूरा होता है मिशन
StratForce का दावा है कि वह हर महीने 50 GOGOL-M मदरशिप ड्रोन और 400 FPV अटैक ड्रोन का उत्पादन कर सकती है। इन ड्रोन की लागत की बात करें तो एक मिशन की कीमत लगभग $10,000 (लगभग 8.3 लाख रुपये) आती है, जो कि एक पारंपरिक क्रूज मिसाइल की तुलना में कई गुना सस्ती है। कम लागत, बार-बार इस्तेमाल की क्षमता और सटीक हमले इन ड्रोन को यूक्रेन के लिए रणनीतिक हथियार बना रहे हैं।
भविष्य की लड़ाइयों का संकेत?
‘स्पाइडर वेब’ ऑपरेशन यह साफ संकेत देता है कि अब युद्ध सिर्फ बमों और टैंकों का खेल नहीं रहा, बल्कि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग इसकी असली शक्ति बन चुके हैं। अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले वर्षों में युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है – जहां मानव से ज्यादा मशीनें फैसला लेंगी।
संबंधित खबरें
WhatsApp में नंबर बदलने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान, वरना चैट और डेटा की हो सकती है परेशानी
15 hrs agoनया Android फोन भी लग रहा है स्लो? बस ये 3 सेटिंग बदलें, पहले से तेज महसूस होगा फोन
1 day agoWhatsApp पर बच्चे क्या कर रहे हैं, अब पैरेंट्स कर सकेंगे कंट्रोल, जानें क्या है नया फीचर और कैसे करेगा काम?
2 days agoApple का बड़ा धमाका! 13 अक्टूबर को लॉन्च होंगे 3 नए डिवाइस, HomePad Smart Hub से उठेगा पर्दा
2 days agoVirat Kohli कौन सा फोन चलाते हैं? जिम सेल्फी से खुला राज, हाथ में दिखा ये धांसू मॉडल
2 days agoयूजर्स की बल्ले-बल्ले! Jio दे रहा 1,499 रुपये में 4G फोन और 6 महीने का रिचार्ज फ्री
2 days agoAmazon या Flipkart सेल में iPhone पर कितना डिस्काउंट, कहां मिल रहा सबसे बड़ा ऑफर? जानें डील्स
2 days agoUpcoming Phone Launch in October: तैयार कर लें बजट! 10,000mAh बैटरी वाला फोन से 200MP कैमरा तक, अक्टूबर में होंगे ये बड़े लॉन्च
3 days agoFlipkart-Amazon की सेल में सिर्फ फोन नहीं, इन सामानों पर भी 80% तक की छूट, देखें क्या-क्या मिलेगा सस्ता?
3 days agoभारत में आ गया Apple Pay, बिना OTP-PIN ऐसे करें पेमेंट, जानें किन लोगों को मिलेगा फायदा
3 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines