लाखों का नुकसान और जेल की सजा! सिम कार्ड से जुड़ा वो कानून जिसे ज्यादातर लोग नहीं जानते

क्या आपको पता है आपके नाम पर कितने सिम चल रहे हैं? जरा सी लापरवाही पर लाखों का जुर्माना और जेल भी हो सकती है! अभी जानिए कैसे एक क्लिक में चेक करें और बचें भारी नुकसान से.

सिम कार्ड रखने के क्या है नियम?

सिम कार्ड रखने के क्या है नियम? (Photo- Unsplash)

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Sim Card Rules: मोबाइल फोन अब हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. ज्यादातर लोग एक से ज़्यादा सिम कार्ड अपने पास रखते हैं एक पर्सनल कामों के लिए, दूसरा दफ्तर के लिए और कभी-कभी तीसरा सिर्फ इंटरनेट के लिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिम कार्ड से जुड़ा एक ऐसा कानून भी है, जिसे तोड़ने पर भारी जुर्माना और जेल तक हो सकती है? सरकार ने इसके लिए खास नियम बनाए हैं और एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जिससे आप अपने नाम पर चल रहे सभी सिम कार्ड आसानी से जांच सकते हैं.

कितने सिम कार्ड रख सकते हैं आप?

सरकार के नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ही रख सकता है. लेकिन जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा सिर्फ 6 सिम कार्ड की है. यह नियम टेलीकम्युनिकेशन्स एक्ट 2023 में भी बरकरार रखा गया है. इसका मकसद मोबाइल कनेक्शन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना और धोखाधड़ी पर रोक लगाना है.

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नियम तोड़ा तो देना होगा भारी जुर्माना

अगर किसी व्यक्ति के नाम पर तय सीमा से ज़्यादा सिम कार्ड पाए जाते हैं, तो उसे पहले उल्लंघन पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. वहीं, अगर गलती दोबारा होती है तो यह जुर्माना 2 रुपये लाख तक पहुंच सकता है. इसीलिए जरूरी है कि आप समय-समय पर अपने नाम पर रजिस्टर्ड सभी सिम कार्ड की जानकारी लेते रहें.

फर्जी पहचान पर सिम लिया तो और बड़ी सजा

अगर किसी ने किसी और की पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से सिम कार्ड लिया है तो मामला और गंभीर हो जाता है. ऐसे मामलों में 3 साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि आप सतर्क रहें और अपनी पहचान का गलत इस्तेमाल होने से बचाएं.

‘संचार साथी’ पोर्टल से करें जांच

सरकार ने इसके लिए एक आसान ऑनलाइन पोर्टल Sanchar Saathi  शुरू किया है. यहां आपको सिर्फ अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा डालकर OTP से लॉगिन करना होता है. इसके बाद आपके नाम पर चल रहे सभी सक्रिय सिम कार्ड की पूरी लिस्ट सामने आ जाती है. अगर कोई नंबर आपका नहीं है तो “Not My Number” पर क्लिक करके रिपोर्ट करें. पुराना और बेकार नंबर बंद करने का विकल्प भी यहीं मिलेगा.

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ज्यादा सिम हैं तो क्या करें?

अगर आपके पास पहले से तय सीमा से ज़्यादा सिम कार्ड हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने इसके लिए री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की है. आप आसानी से अतिरिक्त सिम कार्ड सरेंडर कर सकते हैं या उन्हें डिस्कनेक्ट करवा सकते हैं.

सावधानी ही सुरक्षा है

अगर आप मोबाइल यूजर हैं तो यह नियम आपके लिए बहुत जरूरी है. थोड़ी-सी सावधानी आपको लाखों रुपये के जुर्माने और बड़ी परेशानी से बचा सकती है. इसके साथ ही आप अपनी पहचान और डाटा की सुरक्षा भी कर पाएंगे. इसलिए देर न करें आज ही अपने नाम पर चल रहे सभी सिम कार्ड की जांच करें.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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