WhatsApp-Telegram यूजर्स के लिए राहत! SIM Binding पर सरकार का बड़ा फैसला

सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है. SIM-बाइंडिंग नियम को फिलहाल टाल दिया गया है, जिससे करोड़ों यूजर्स को राहत मिली है. लेकिन यह राहत कब तक रहेगी और बाद में क्या बदलेगा, यह जानना आपके लिए जरूरी है.

Sim Binding

SIM-बाइंडिंग नियम टला. (AI Generated Image)

Update On SIM binding Rule: अगर आप WhatsApp, Telegram या दूसरे मैसेजिंग ऐप्स इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है. सरकार ने SIM-बाइंडिंग जैसे नए नियम लागू करने की तारीख को फिलहाल टाल दिया है. यानी अभी आपको किसी नए बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा और आप पहले की तरह ही इन ऐप्स का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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टेलीकम्युनिकेशन विभाग (DoT) ने SIM-बाइंडिंग नियम को लागू करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है. पहले इसे जल्दी लागू किया जाना था, लेकिन इंडस्ट्री की आपत्तियों और तकनीकी दिक्कतों के चलते सरकार को यह फैसला लेना पड़ा.

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क्या है SIM-बाइंडिंग नियम

इस नियम के तहत, जिस मोबाइल नंबर से आप किसी मैसेजिंग ऐप में लॉग इन करते हैं, वही SIM आपके फोन में होना जरूरी होगा. अगर SIM निकाल दिया जाता है, बदला जाता है या बंद हो जाता है, तो ऐप अपने आप लॉगआउट हो जाएगा या दोबारा वेरिफिकेशन मांगेगा. इसका मकसद अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाना है.

वेब और डेस्कटॉप यूजर्स को भी राहत

पहले यह भी प्रस्ताव था कि WhatsApp Web या Telegram Web जैसे प्लेटफॉर्म हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएंगे और QR कोड से दोबारा लॉगिन करना होगा. लेकिन फिलहाल इस नियम को भी टाल दिया गया है. अब सिर्फ संदिग्ध गतिविधि होने पर ही सेशन खत्म किया जाएगा.

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क्यों लिया गया यह फैसला

ET की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों का कहना है कि इस तरह के बदलाव को लागू करने के लिए उन्हें और समय चाहिए. खासतौर पर Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर इसे सही तरीके से काम कराने में तकनीकी चुनौतियां आ रही हैं. इसी वजह से सरकार ने डेडलाइन आगे बढ़ा दी.

पहले क्या था नियम

DoT ने नवंबर 2025 में OTT प्लेटफॉर्म्स को यह नियम लागू करने का निर्देश दिया था और इसके लिए 90 दिन का समय दिया गया था. यह समयसीमा फरवरी 2026 में खत्म हो गई थी, लेकिन कंपनियां इसे तय समय में लागू नहीं कर पाईं.

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यूजर्स के लिए क्या बदलेगा

अभी के लिए यूजर्स को कोई बदलाव महसूस नहीं होगा. आप पहले की तरह ही WhatsApp, Telegram और दूसरे ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, 31 दिसंबर 2026 के बाद यह नियम लागू होने पर SIM को फोन में रखना जरूरी हो जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत हो सकेगी.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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