ये 4 संकेत दिखें तो तुरंत बदल लें गीजर, वरना सर्दियों में हो सकता है बड़ा हादसा

सर्दियों में गीजर का ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेकिन पुराना या खराब गीजर गंभीर खतरे का कारण बन सकता है. तो समय रहते उसे बदल देना ही सुरक्षित विकल्प है. जानते हैं कौन से हैं वो संकेत जिनके दिखते ही गीजर बदल लेना चाहिए.

Geyser

ये संकेत दिखें तो तुरंत बदल लें गीजर.

Signs to replace old geyser: सर्दियों का मौसम आते ही गीजर हर घर की जरूरत बन जाता है. गर्म पानी के बिना नहाना मुश्किल लगता है, लेकिन क्या आपका गीजर पूरी तरह सुरक्षित है? लंबे समय तक इस्तेमाल होने के बाद गीजर में भी खराबी आना आम बात है. कई बार यह खराबी इतनी गंभीर हो जाती है कि गीजर का इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं रहता. अच्छी बात यह है कि गीजर पहले से ही कुछ संकेत देने लगता है. अगर आप समय रहते इन संकेतों को पहचान लें, तो किसी बड़े हादसे से बचा जा सकता है.

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गीजर से अजीब आवाजें आना

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अगर आपके गीजर से खड़कने, सीटी जैसी या किसी तरह की असामान्य आवाजें आने लगी हैं, तो यह एक बड़ा संकेत है. आमतौर पर ऐसा तब होता है जब पानी के साथ आने वाली गंदगी और कचरा टैंक के अंदर जमा हो जाता है. इससे गीजर को पानी गर्म करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, पार्ट्स पर दबाव बढ़ता है और ओवरहीटिंग का खतरा रहता है. ऐसी स्थिति में टैंक के फटने तक की नौबत आ सकती है, इसलिए गीजर बदलना समझदारी होती है.

गीजर से पानी का लीक होना

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गीजर से पानी टपकना या रिसाव होना बिल्कुल भी हल्की समस्या नहीं है. चाहे टैंक से हो, वाल्व से या किसी कनेक्शन से- पानी का लीक होना हमेशा खतरे की घंटी है. इससे न सिर्फ पानी की बर्बादी होती है, बल्कि दीवारों और फर्श में सीलन भी आ सकती है. सबसे बड़ा खतरा बिजली और पानी के संपर्क में आने का होता है, जो गंभीर हादसे का कारण बन सकता है.

बार-बार खराब होना

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अगर आपका गीजर बार-बार खराब हो रहा है और हर कुछ महीनों में रिपेयरिंग की जरूरत पड़ती है, तो यह साफ संकेत है कि उसका समय पूरा हो चुका है. बार-बार मरम्मत कराने में पैसा भी खर्च होता है और भरोसा भी नहीं रहता. ऐसे में पुराने गीजर पर खर्च करने के बजाय नया और भरोसेमंद गीजर लेना ज्यादा बेहतर फैसला साबित होता है.

बिजली बिल का अचानक बढ़ जाना

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पुराने गीजर अक्सर ज्यादा बिजली खपत करने लगते हैं. अगर आपने गौर किया है कि सर्दियों में इस बार बिजली का बिल पहले से ज्यादा आ रहा है, तो इसके पीछे आपका गीजर जिम्मेदार हो सकता है. समय के साथ इसकी हीटिंग एफिशिएंसी कम हो जाती है और यह ज्यादा बिजली खर्च करता है. ऐसे में पुराने गीजर की जगह नया एनर्जी एफिशिएंट गीजर लगाना जेब और सेहत-दोनों के लिए फायदेमंद रहता है.

गीजर रोजमर्रा की जरूरत है, लेकिन इसकी सेफ्टी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. अजीब आवाजें, पानी का लीक होना, बार-बार खराबी और बढ़ता बिजली बिल- ये सभी संकेत बताते हैं कि अब पुराने गीजर को बदलने का वक्त आ गया है. समय रहते फैसला लेना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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