नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद सबसे पहले किसी को भी उसमें WhatsApp, Instagram अपनी जरूरत के दूसरे ऐप्स डाउनलोड करने की जल्दी रहती है. लेकिन फोन में ऐप्स डालने से पहले कुछ जरूरी सेटिंग्स चेक कर लेना ज्यादा समझदारी है. तो सबसे पहले ये जानते है कि नया फोन खरीदने के बाद सबसे पहले उसमें कौन-सी सेटिंग्स करनी चाहिए और किन पुरानी सेटिंग्स को बदलना चाहिए.
नया फोन खरीदते ही बदल दें ये 6 सेटिंग्स
1. सबसे पहले स्क्रीन लॉक और बायोमेट्रिक सेट करें
नया फोन हाथ में आते ही सबसे पहले उसकी सिक्योरिटी सेट करें. स्क्रीन लॉक के लिए मजबूत PIN पासवर्ड या पैटर्न लगाएं. इसके साथ फोन में मौजूद फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक भी सेट कर सकते है. इससे फोन आपके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में जाने पर पर्सनल डेटा तक पहुंच को रोकने में मदद मिलेगी.
2. Find My Device या Find My जरूर ऑन करें
फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो ढूंढने में Find My Device और Find My जैसे फीचर काम आते हैं. Android फोन में Find My Device और iPhone में Find My फीचर को ऑन करके रखें. जरूरत पड़ने पर इनके जरिए फोन की लोकेशन देखने के साथ डेटा को रिमोट तरीके से डिलीट करने का ऑप्शन भी मिल सकता है.
3. Software Update जरूर चेक करें
नया फोन खरीदने के बाद एक बार सॉफ्टवेयर अपडेट जरूर खोलकर देखें. सेटिंग्स में जाकर चेक करें कि फोन के लिए कोई नया सिस्टम अपडेट या सिक्योरिटी अपडेट है या नहीं. अगर अपडेट मौजूद है तो उसे इंस्टॉल कर लेना बेहतर है. इससे फोन को नए फीचर्स और जरूरी सिक्योरिटी सुधार मिल सकते हैं.
4. Cloud Backup को चालू रखें
फोन में मौजूद फोटो, कॉन्टैक्ट्स और दूसरे जरूरी डेटा का बैकअप रखा काफी काम आता है. Android यूजर्स Google Account के जरिए और iPhone यूजर्स iCloud के जरिए Cloud Backup ऑन कर सकते हैं. फोन खराब होने, खो जाने या बदलने की स्थिति में बैकअप से जरूरी डेटा वापस पाने में मदद मिल सकती है.
5. हर ऐप की परमिशन एक बार जरूर देखें
नए फोन में ऐप्स इंस्टॉल करने के बाद उसकी परमिशन भी चेक करें. सेटिंग्स में जाकर देखें कि किस ऐप को कैमर, माइक्रोफोन, लोकेशन या दूसरी जानकारी का एक्सेस मिल हुआ है. जिस ऐप को किसी परमिशन की जरूरत नहीं है, उसकी अनुमति बंद कर दें. साथ ही Google या दूसरे ऐप्स में मौजूद Activity Tracking जैसी सेटिंग्स को भी अपनी जरूरत के हिसाब से मैनेज कर सकते हैं.
6. Refresh Rate और Background Activity पर नजर रखें
अगर आपको फोन में 90Hz या 120Hz का हाई रिफ्रेश रेट दिया गया है तो डिस्प्ले सेटिंग्स में जाकर इसे चेक करें. हाई रिफ्रेश रेट से स्क्रीन स्क्रॉलिंग और दूसरे काम ज्यादा स्मूद लग सकते है. हालांकि इसका असर बैटरी पर भी पड़ सकता है. इसी तरह जो ऐप्स जरूरत से बिना बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, उनकी बैकग्राउंड एक्टिविटी को लिमिट करने से बैटरी और मोबाइल डेटा बचाने में मदद मिल सकती है.
नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद सिर्फ ऐप्स डाउनलोड करके इस्तेमाल शुरू करने के बजाये इन बेसिक सेटिंग्स को एक बार देख लेना बेहतर है.