आज के समय में फोन चोरी होना सिर्फ एक महंगा डिवाइस खोने की परेशानी नहींं है. हमारे बैंक अकाउटं, UPI, ईमेंल, सोशल मीडिया और कई जरूरी ऐप्स मोबाइल से जुड़े होते हैं. ऐसे में फोन किसी गलत हाथ में पहुंच जाए तो तो पर्सनल जानकारी के साथ-साथ पैसों का भी खतरा हो सकता है. इसलिए फोन चोरी या गुम होने पर परेशान होने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाना चाहिए जिनती जल्दी कार्रवाई करेंगे, उतना ही अपने डेटा और अकाउंट को सेफ रखना आसान होगा.
10 मिनट की इमरजेंसी चेकलिस्ट
सबसे पहले सिम कार्ड ब्लॉक करवाएं
फोन चोरी होने के बाद सबसे पहला काम अपने मोबाइल नंबर का सिम ब्लॉक करवाना होना चाहिए. दूसरे फोन से उपने टेलीकॉम ऑपरेटर जैसे Jio, Airtel या Vi के कस्टमर केयर से संपर्क करें और SIM को तुरंत सस्पेंड करवाएं. इससे चोरी हुए फोन में आपके नंबर का इस्तेमाल करके OTP हासिल करने का खतरा कम हो सकता है.
फोन को तुरंत लॉक करें
SIM ब्लॉक कराने के बाद अपने फोन को दूर से लॉक करना जरूरी है. Android फोन के लिए किसी दूसरे डिवाइस से Google Find My Device का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं iPhone यूजर्स iCloud के जरिए फोन को Lost Mode मे डाल सकते हैं. इससे फोन को लॉक करके उसमें मौजूद डेटा को सेफ रखने के में मदद मिलती है.
बैंक और UPI को सुरक्षित करें
अगर आपके फोन में बैंकिंग या UPI ऐप्स हैं तो इस कदम में बिल्कुल देरी न करें. अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करके UPI और मोबाइल बैंकिंग सेवाओं को अस्थायी रूप से होल्ड पर रखने के लिए कहें. इससे चोरी हुए फोन के जरुए आपके बैकिंग अकाउंट तक पहुंच बनाने की कोशिशों से बचाव किया जा सकता है.
ईमेल और सोशल मीडिया के पासवर्ड बदलें
फोन में लॉन-इन ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी सुरक्षित करना जरूरी है. किसी दूसरे फोन या कंप्यूटर से अपने जरूरी अकाउंट्स के पासवर्ड बदले दें. जहां संभव हो, दूसरे डिवाइस से पुराने सेशन को लॉग-आउट भी कर दें. इससे चोरी हुए फोन से आपके अकाउंट्स का इस्तेमाल किआ जाने का खतरा कम होगा.
पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराना भी जरूरी है. आज नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट कर सकते हैं. कई राज्यों में ऑनलॉइन पोर्टल के जरिए भी मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत दर्ज करने की सुविधा मिलती है. शिकायत की जानकारी आगे की प्रोसेसे में काम आ सकती है.
CEIR पर IMEI ब्लॉक करें
पुलिस शिकायक के बाद सरकार के CEIR पोर्टल के जरिए फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कराया जा सकता है. IMEI मोबाइल की एक अलग पहचान संख्या होती है. CIER पर इसे ब्लॉक करने की प्रोसेस शुरू करने से चोरी हुई फोन को मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल करने से रोकने में मदद मिलती है.
फोन चोरी होने के बाद घबराकर बैठने के बजाय तुरंत एक-एक करके जरूरी कदम उठाना चाहिए. समय पर उठाए गए ये कदम आपके पर्सनल डेटा और फाइनेंशइयल जानकारी को सुरक्षित रखने में काफी मदद कर सकते हैं.