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अचानक ब्लास्ट हुई फोन की बैटरी...बच्चे ने गंवाया अंगूठा, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ये गलती

मध्यप्रदेश के रीवा में मोबाइल बैटरी से खेलना दो भाइयों को भारी पड़ गया. अचानक हुए ब्लास्ट में एक बच्चे का अंगूठा कट गया. यह घटना बताती है कि पुराने स्मार्टफोन की बैटरी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है और इसके साथ की गई छोटी-सी गलती भी बड़ा हादसा बन सकती है.

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AI Genarated Photo For Reference.

Mobile Battery Blast: स्मार्टफोन आज हर घर में इस्तेमाल होता है, लेकिन इसकी बैटरी से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है. मध्यप्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसा ही दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां पुराने मोबाइल की बैटरी से खेलना दो भाइयों को भारी पड़ गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैटरी में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे एक बच्चे का अंगूठा कट गया और उसकी चार उंगलियों पर भी बुरी तरह चोट लगी. यह घटना इस बात की गंभीर चेतावनी देती है कि पुराने फोन या उसकी बैटरी के साथ लापरवाही करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है.

पुराने फोन की बैटरी क्यों बन सकती है खतरा

पुराने स्मार्टफोन की बैटरी समय के साथ खराब होने लगती है. कई बार बैटरी फूल जाती है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसी फूली हुई बैटरी में ब्लास्ट होने का खतरा काफी ज्यादा होता है. अगर बैटरी ज्यादा गर्म हो जाए या उसमें खराबी आ जाए तो शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है, जिससे घर में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.

बैटरी से केमिकल लीक होने का भी खतरा

पुरानी बैटरी में मौजूद केमिकल समय के साथ लीक भी हो सकते हैं. अगर यह केमिकल कपड़ों, त्वचा या आंखों के संपर्क में आ जाए तो गंभीर नुकसान हो सकता है. इसलिए खराब या पुरानी बैटरी को घर में संभालकर रखने की बजाय सुरक्षित तरीके से हटाना ज्यादा सही माना जाता है.

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दबाव पड़ने पर हो सकता है ब्लास्ट

अगर मोबाइल बैटरी पर ज्यादा दबाव पड़ जाए या उसे किसी नुकीली चीज से छेड़ा जाए तो उसमें धमाका हो सकता है. कई लोग बैटरी को दबाकर देखने या उसके साथ छेड़छाड़ करने लगते हैं, जो बेहद खतरनाक है. बैटरी में मौजूद ऊर्जा अचानक रिएक्शन कर सकती है और यह छोटा-सा सामान एक तरह से बम की तरह फट सकता है.

पुरानी बैटरी का क्या करना चाहिए

अगर आपके पास पुराना स्मार्टफोन या उसकी बैटरी है तो उसे लंबे समय तक घर में रखना सही नहीं है. आजकल कई कंपनियां और स्टार्टअप पुराने फोन खरीद लेते हैं, इसलिए ऐसे फोन उन्हें बेच देना बेहतर विकल्प हो सकता है. इसके अलावा बैटरी को धूप में छोड़ना या गर्म जगह पर रखना भी खतरनाक साबित हो सकता है.

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लिथियम-आयन बैटरी होती है बेहद संवेदनशील

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है. यह बैटरी काफी संवेदनशील होती है. इसमें पॉजिटिव और नेगेटिव इलेक्ट्रोड होते हैं, जिनके बीच एक सेपरेटर फिल्म होती है. यह सेपरेटर दोनों इलेक्ट्रोड को अलग रखता है ताकि बैटरी सुरक्षित तरीके से काम कर सके.

सेपरेटर खराब होने पर हो सकता है धमाका

अगर किसी वजह से यह सेपरेटर फिल्म टूट जाए या हट जाए तो पॉजिटिव और नेगेटिव इलेक्ट्रोड आपस में संपर्क में आ जाते हैं. इसके बाद तेज केमिकल रिएक्शन होता है, जो बैटरी ब्लास्ट की वजह बन सकता है. कई बार बैटरी को दांतों से दबाने या उसमें नुकीली चीज घुसाने से भी यह सेपरेटर खराब हो सकता है.

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भूलकर भी ना करें ये गलती

सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी है कि स्मार्टफोन की बैटरी के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न की जाए. बैटरी को दांतों से दबाना, उसे खोलने की कोशिश करना या किसी नुकीली चीज से छेड़ना बहुत खतरनाक हो सकता है. छोटी-सी गलती भी गंभीर हादसे में बदल सकती है, इसलिए पुराने फोन या बैटरी को संभालकर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है.

ये भी पढ़ें- फोन की बैटरी 2 गुना तक चलेगी! बस ऑन कर दें ये छुपी हुई सेटिंग

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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