अब तक AI का इस्तेमाल ज्यादातर सवाल पूछने और जवाब पाने के लिए किया जा रहा है. लेकिन AI अब सिर्फ जवाब देने तक सीमित नहीं है. आप ऐसा AI एजेंट भी बना सकते हैं, जो आपके लिए ईमेल पढ़े, जरूरी जानकारी निकाले, मिटिंग तय करे, रिपोर्ट तैयार करे और कई दूसरे काम भी कर सके. यानी इसे आप अपने डिजिटल असिस्टेंट की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. यह सिर्फ सलाह नहीं देता, बल्कि आपकनी अनुमति मिलने पर कई काम खुद भी कर सकता है.
सामान्य AI और आपके AI एजेंट में क्या अंतर है?
मान लीजिए आपने सामान्य AI से पूछा कि दिल्ली से आगरा जाने के लिए कौन-सी ट्रेन अच्छी रहेगी. AI आपको ट्रेन का नाम समय और दूसरी जानकारी बता देगा. लेकिन AI एजेंट इससे एक कमद आगे जाकर ट्रेन खोज सकता है, समय और किराया देख सकता है और टिकट बुकिंग की प्रोसेस भी आगे बढ़ा सकता है. हालांकि टिकट बुक करने और भुगतान करने के लिए आपको मंजूरी देना जरूरी हो सकती है.
AI एजेंट बनाने के लिए क्या चाहिए?
AI एजेंट बनाने के लिए कई प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं. हालांकि, इनमें से कई सुविधाओं के लिए पेड या बिजनेस सब्सक्रिप्शन की जरूरत हो सकती है. अच्छी बात यह है कि ChatGPT, Google Workspace Studio, Copilot और Claude जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना कोडिंग की जानकारी के भी AI एजेंट बनाया जा सकता है. आपको बस यह बताना होता है कि एजेंट से कौन सा काम करवाना है और उसे किन चीजों की अनुमति देनी है.
इन 4 प्लेटफॉर्म से बना सकते हैं अपना AI एजेंट
1. ChatGPT से ऐसे बनाएं AI एजेंट
ChatGPT की वेबसाइट या ऐप खोलें और लेफ्ट में GPTs या Explore GPTs के ऑप्शन पर क्लिक करें. इसके बाद Create चुने. यहां अपने AI असिस्टेंट का नाम लिखें और Instructions साफ-साफ बताएं कि एजेंट को क्या काम करना है. जरूरत के हिसाबस से ईमेल, ड्राइव और डॉक्स तक एक्सेस भी दिया जा सकता है. इसके बाद Preview में एजेंट को टेस्ट करें और सब कुछ सही लगे तो उसे Save कर दें. खबर लिखने, रिसर्च करने और दस्तावेज समझने जैसे कामों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
2. Google Workspace Studio से बनाएं एजेंट
Google Workspace में Workspace Studio का ऑप्शन मिलेगा. यहां Gemini का विकल्प चुनें. इसके बाद Describe a task में उस काम के बारे में विस्तार से लिखें, जिसके लिए आप एजेंट बनाना चाहते हैं. इसके बाद Create पर क्लिक करें. Gemini आपके निर्देश के हिसाब से AI एजेंट तैयार करेगा. एजेंट को टेस्ट करने के बाद अगर वह सही तरीके से काम करता है तो Turn on पर क्लिक कर सकते हैं. ईमेल, Google Sheets और रोजमर्रा के रूटीन कामों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
3. Microsoft Copilot से बनाएं अपना एजेंट
Copilot में लेफ्ट में Agents पर क्लिक करें और फिर New agent का विकल्प चुनें. अब एजेंट का नाम रखें और Instructions में अपनी जरूरत के बारे में बताएं. इसके बाद Save करके एजेंट तैयार कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर Tools के जरिए ईमेल, डॉक्यूमेंट और ड्राइव जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं. एजेंट को टेस्ट करने के बाद अगर उसका काम सही लगे तो Publish कर सकते हैं. ऑफिस, टीम और ग्राहक सेवा से जुड़े कामों के लिए यह उपयोगी हो सकता है.
4. Claude में ऐसे बनाएं AI एजेंट
Claude की वेबसाइट पर लेफ्ट में Projects का विकल्प चुनें और फिर New Project पर क्लिक करें. अब प्रोजेक्ट का नाम रखें और Project Instructions में बताएं कि आपको AI से किस तरह का काम करवाना है. जरूरत के हिसाब से इसे ईमेल, ड्राइव, क्लाउड, ऐप या दूसरी जगहों की अनुमति दी जा सकती है. एजेंट से काम करवाकर देखें और अगर रिजल्ट आपकी जरूरत के मुताबिक न हो तो Instructions में बदलाव करें. मल्टीटास्किंग के लिए Claude का Cowork फीचर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे कई चरणों वाला काम दिया जा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
AI एजेंट आपका काम आसान कर सकता है, लेकिन उस पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है. AI कभी-कभी गलत जानकारी दे सकता है या आपके निर्देश को गलत समझ सकता है. इसलिए बैंकिंग, पेमेंट, निजी जानकारी साझा करने या जरूरी दस्तावेज भेजने जैसे कामों में अंतिम मंजूरी अपने पास रखें. एजेंट को उतनी ही अनुमति दें, जितनी उसके काम के लिए जरूरी है.
पहले छोटा काम देकर करें टेस्ट
नया AI एजेंट बनाने के बाद सीधे उसे कोई बड़ा या जरूरी काम न सौंपें. पहले छोटे काम देकर देखें कि वह आपके निर्देश को सही तरीके से समझ रहा है या नहीं. अगर वह बार-बार गलती कर रहा है, तो Instructions को और साफ करें. इससे आगे चलकर गलत ईमेल भेजने, गलत जानकारी इस्तेमाल करने या किसी जरूरी काम में गड़बड़ी होने का खतरा कम किया जा सकता है.