एक्सटेंशन बोर्ड में एक साथ कितने गैजेट्स लगाना है सेफ? जानें किन डिवाइस से बढ़ता है खतरा

घर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी चलाने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो जरा सावधान हो जाएं. एक साथ ज्यादा गैजेट्स लगाना आपके घर में आग लगने की वजह बन सकता है. जानिए एक्सटेंशन बोर्ड में कितने डिवाइस लगाना सुरक्षित है और किन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इससे चलाने से बचना चाहिए.

Extension board

एक्सटेंशन बोर्ड कभी कभी एक साथ ज्यादा डिवाइस लगाना भारी पड़ सकता है. (Image Credit-Magnific)

आजकल घर में मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में एक ही सॉकट से कई डिवाइस चलाने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं. यह देखने में भले ही छोटा और सुविधाजनक हो, लेकिन इसमें जरूरत से ज्यादा उपकरण लगाना खतरनाक साबित हो सकता है. कई बार ओवरलोडिंग के कारण बोर्ड के तार गर्म होने लगते हैं, प्लास्टिक पिघल सकता है और शॉर्ट सर्किट से आग लगने तक का खतरा रहता है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि एक एक्सटेंश बोर्ड में कितने गैजेट्स लगाना सुरक्षित है और किन उपकरणों को इससे चलाने से बचना चाहिए.

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एक्सटेंशन बोर्ड में कितने गैजेट्स लगाना है सुरक्षित?

एक्सटेंशन बोर्ड में कितने डिवाइस लगाए जा सकते हैं. इसक जवाब उसमें मौजूद सॉकेट की संख्या से नहीं, बल्कि उसकी बिजली संभालने की क्षमता से मिलता है. आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाले स्टैंडर्स एक्सटेंशन बोर्ड 1000 वॉट से लेकर 1500 वॉट तक का लोड उठाने क लिए डिजाइन किए जाते हैं. हालांकि हर बोर्ड की क्षमता अलग हो सकती है.

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मोबाइल और लैपटॉप जैसे गैजेट्स एक साथ चलाना खतरनाक है?

मोबाइल चार्जर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर और टीवी जैसे कम बिजली खपत करने वाले डिवाइस एक साथ चलाना आमतौर पर सुरक्षित हो सकता है, बशर्ते उनकी कुल बिजली खपत बोर्ड की निर्धारित क्षमता के अंदर हो. बोर्ड इस्तेमाल करने से पहले उस पर लिखी वॉट और एम्पियर की रेटिंग जरूर चेक करें. सिर्फ सॉकेट खाली होने का मतलब ये नहीं है कि उसमें क और डिवाइस लगाना सुरक्षित है.

किन डिवाइस को एक्टेंशन बोर्ड में नहीं लगाना चाहिए?

कुछ घरेलू उपकरण बहुत ज्यादा बिजली खींचते हैं. इलेक्ट्रिक केतली और रूम हीटर जैसे डिवाइस लगभग 1,200 से 1,500 वॉट तक बिजली की खपत कर सकते हैं. ऐसे उपकरणों को एक्सटेंशन बोर्ड में लगाने से ओवरलोडिंग का खतरा बढ़ सकता है. गीजर और माइक्रोवेव जैसे उपकरण करीब 2,000 से 2,200 वॉट या उससे भी ज्यादा बिजली खींच सकते हैं. इन्हें एक्सटेंशन में लगाने से बचना चाहिए. 

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इसके अलावा टोस्टर, एयर फ्रायर और फ्रिज जैसे उपकरणों को भी एक्सटेंशन बोर्ड से चलाने से बचना चाहिए. ऐसे हाई-पावर उपकरणों को उनकी निर्माता कंपनी के निर्देशों के मुताबिक सीधे उपयुक्त वॉल सॉकेट में लगाना बेहतर है. एक ही बोर्ड पर कई भारी उपकरण चलाने से उसकी क्षमता से ज्यादा लोड पड़ सकता है.

ओवरलोडिंग होने पर क्या होता है?

जब एक्सटेंशन बोर्ड से जुड़े सभी उपकरणों की कुल बिजली खपत उसकी तय क्षमता से ज्यादा हो जाती है, तो उसके तार और कनेक्शन गर्म होने लगते हैं. लगातार गर्मी बढ़ने से तारों के ऊपर लगी प्लास्टिक की सुरक्षा लेयर यानी इंसुलेशन पिघल सकती है. इससे तारों के खुले हिस्से आपस में संपर्क में आ सकते हैं और शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है.

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घर में आग लगने का भी रहता है खतरा

ओवरलोडिंग सिर्फ बोर्ड को खराब नहीं करती, बल्कि घर की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है. ज्यादा गर्म होने पर बोर्ड के अंदर के कनेक्शन खराब हो सकते हैं और आग लग सकती है. इसलिए एक ही एक्सटेंशन बोर्ड में जरूरत से ज्यादा उपकरण लगाने से बचना चाहिए. बोर्ड की क्षमता के साथ-साथ उसके तारों और प्लग की क्वालिटी पर भी ध्यान देना जरूरी है.

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

अगर एक्सटेंशन बोर्ड या उसका तार छूने पर गर्म महसूस हो, जलने जैसी बदबू आए या प्लग के आसपास का प्लास्टिक पीला या काला पड़ने लगे, तो इसे खतरे की घंटी समझें. ऐसी स्थिति में बिजली की सप्लाई सुरक्षित तरीके से बंद करें और बोर्ड का इस्तेमाल तुरंत रोक दें. खराब बोर्ड को दोबारा इस्तेमाल करने के बजाय बदलवाना बेहतर है.

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ISI मार्क वाला बोर्ड खरीदना ही खरीदें

एक्सटेंशन बोर्ड खरीदते समय अच्छी क्वालिटी वाले ISI मार्क और सही रेटिंग वाले प्रोडक्ट को प्राथमिकता दें. ऐसा बोर्ड चुनें जिसमें जरूरत के मुताबिक फ्यूज, ओवरलोड प्रोटेक्शन या सर्ज प्रोटेक्टर जैसी सुरक्षा सुविधाएं हों. ध्यान रखें कि सर्ज प्रोटेक्टर और ओवरलोड प्रोटेक्शन का काम अलग-अलग होता है. कोई भी सुरक्षा फीचर बोर्ड की निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोड डालने की अनुमति नहीं देता.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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