हेडफोन जैक सिर्फ Headphone के लिए नहीं! इसके ये 5 इस्तेमाल जानकर रह जाएंगे हैरान

अगर आपके फोन में अब भी 3.5mm हेडफोन जैक है, तो आप किस्मत वाले हैं. हेडफोन लगाने के अलावा इसी जैक से म्यूजिक रिकॉर्डिंग, कार्ड पेमेंट, रेडिएशन चेक और यहां तक कि घोस्ट हंटिंग भी की जा सकती है. जानिए हेडफोन जैक के ऐसे इस्तेमाल, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

Headphone jack

हेडफोन जैक का छुपा हुआ कमाल! (Photo-Freepik)

विज्ञापन

Other Gadgets To Plug Into Headphone Jack: आज के समय में हेडफोन जैक को लोग सिर्फ हेडफोन लगाने की जगह मानते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है. 3.5mm हेडफोन जैक दरअसल एक ऑक्स केबल पोर्ट है, जिसका इस्तेमाल कई अनोखे और काम के गैजेट्स के साथ किया जा सकता है. ब्लूटूथ के दौर में भले ही इसका इस्तेमाल कम हुआ हो, लेकिन अगर आपके फोन में अभी भी हेडफोन जैक है, तो यह आपको कई हैरान करने वाले एक्सपीरियंस दे सकता है.

हेडफोन जैक सिर्फ हेडफोन के लिए नहीं

अक्सर लोग सोचते हैं कि हेडफोन जैक का काम सिर्फ ऑडियो सुनना है. जबकि सच यह है कि यह पोर्ट अलग-अलग तरह के सिग्नल कैरी कर सकता है. यही वजह है कि कुछ माइक्रोफोन, गेमिंग एक्सेसरी और कंट्रोल डिवाइस भी इसी जैक के जरिए काम करते हैं. सही गैजेट्स के साथ आपका फोन रिकॉर्डिंग डिवाइस, कंट्रोल सिस्टम या म्यूजिक-बेस्ड लाइट शो का कंट्रोलर भी बन सकता है.

विज्ञापन

मल्टीमीडिया रिकॉर्डिंग के लिए iRig

अगर आप मोबाइल पर म्यूजिक बनाना चाहते हैं, तो IK Multimedia का iRig आपके लिए बेहद काम का गैजेट है. यह हेडफोन जैक के जरिए फोन से कनेक्ट होता है और गिटार या बास को सीधे फोन से जोड़ने की सुविधा देता है. GarageBand जैसे ऐप्स की मदद से आप हाई-क्वालिटी ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. iRig आपके फोन को एक छोटे रिकॉर्डिंग इंटरफेस और मल्टी-इफेक्ट प्रोसेसर में बदल देता है, जिससे आप गिटार पर अलग-अलग साउंड इफेक्ट भी लगा सकते हैं.

फोन को पेमेंट मशीन बनाने वाला कार्ड रीडर

विज्ञापन

बहुत कम लोग जानते हैं कि हेडफोन जैक का इस्तेमाल पेमेंट लेने के लिए भी किया जा सकता है. Square जैसे ब्रांड का कार्ड रीडर सीधे फोन के हेडफोन जैक में लग जाता है. इसके बाद सिर्फ एक ऐप की मदद से आप कहीं भी कार्ड से पेमेंट ले सकते हैं. छोटे दुकानदारों और फ्रीलांसरों के लिए यह एक आसान और पोर्टेबल समाधान रहा है, हालांकि अब ऐसे डिवाइस कम देखने को मिलते हैं.

जेब में समाने वाला Geiger Counter

विज्ञापन

सही गैजेट और ऐप के साथ आपका फोन एक अस्थायी Geiger Counter भी बन सकता है. Smart Geiger Pro नाम का छोटा सा डिवाइस हेडफोन जैक में लगाकर रेडिएशन को मापने में मदद करता है. यह गामा और बीटा रेडिएशन को डिटेक्ट कर सकता है. भले ही यह प्रोफेशनल डिवाइस का विकल्प नहीं है, लेकिन साइंस एक्सपेरिमेंट या सेकेंड-हैंड चीजें खरीदते वक्त जांच के लिए यह दिलचस्प गैजेट साबित हो सकता है.

मोटर और LED कंट्रोल करने वाला ServoDroid

विज्ञापन

ServoDroid एक ऐसा गैजेट है जो हेडफोन जैक के जरिए फोन से जुड़कर मोटर और LED लाइट्स को कंट्रोल करता है. यह खासतौर पर DIY प्रोजेक्ट्स के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें कोई कोडिंग की जरूरत नहीं होती, बल्कि ऐप में ड्रैग-एंड-ड्रॉप सिस्टम से कंट्रोल मिलता है. कैमरा माउंट, लाइट डिमिंग या छोटे रोबोटिक प्रोजेक्ट्स के लिए यह काफी उपयोगी साबित हो सकता है.

घोस्ट डिटेक्टर माइक्रोफोन

विज्ञापन

हेडफोन जैक से जुड़ने वाले सबसे अजीब गैजेट्स में से एक है Ghost Detector माइक्रोफोन. देखने में यह एक आम मोबाइल माइक्रोफोन जैसा लगता है, लेकिन इसे खास तौर पर पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन के लिए बनाया गया है. यह इलेक्ट्रॉनिक वॉयस फिनॉमिना यानी EVP को रिकॉर्ड करने के लिए इस्तेमाल होता है. इसमें स्टेरियो रिकॉर्डिंग और खास फ्रीक्वेंसी रेंज मिलती है, हालांकि इससे भूत मिल ही जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है.

अगर आपके फोन में अभी भी हेडफोन जैक मौजूद है, तो इसे सिर्फ हेडफोन तक सीमित रखना शायद इसकी काबिलियत के साथ इंसाफ नहीं होगा.

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ