Festive Sale Scam: Amazon-Flipkart की सेल में जरा संभलकर! एक गलती और खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Amazon, Flipkart और Myntra की फेस्टिव सेल चल रही है. लेकिन इसके साथ ही साइबर ठग भी एक्टिव हैं. ऐसे में भारी डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान हो जाएं. जानिए ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान किन गलतियों से बचना जरूरी है.

Festive sale scam

ई-कॉमर्स साइट्स पर सेल शुरू होते ही. साइबर साइबर फ्रॉड करने वाले भी एक्टिव हो जाते हैं. (Image Credit-AI)

फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज अपने चरम पर है. अमेजन फ्लिपकार्ट, मिंत्रा समेत लगभग सभी बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर साल की बड़ी सेल चल रही है. स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट टीवी, एसी, गीजर और दूसर सामान पर मिल रही भारी डिस्काउंट लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन इसी जल्दबाजी का फायदा साइबर ठग भी उठा रहे हैं. अगर आप भी सेल में खरीदारी करने का प्लान बना रहे हैं तो सिर्फ ऑफर देखकर कोई लिंक खोलने या पेमेंट करने की गलती न करें. एक छोटी सी लापरवाही आपका पैसा और पर्सनल डिटेल्स दोनों खतरे में डाल सकती है.

विज्ञापन

भारी डिस्काउंट देखकर तुरंत न करें खरीदारी

फेस्टिव सेल के दौरान WhatsApp, SMS और सोशल मीडिया पर कई तरह के ऑफर्स के मैसेज वायरल होते हैं. इनमें महंगे स्मार्टफोन, टीवी या दूसरे सामान पर बहुत ज्यादा छूट मिलने का दावा किया जा सकता है. ऐसे मैसेज के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर आपको नकली वेबसाइट पर पहुंचाया जा सकता है. यहां पेमेंट के दौरान बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारी चोरी होने की खतरा रहता है. इसलिए किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसे संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जरूर चेक करें.

विज्ञापन

असली जैसी दिख सकती है नकली वेबसाइट

साइबर ठग अब ऐसी नकली वेबसाइट बना लेते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली शॉपिंग साइट जैसी लग सकती है. वेबसाइट का नाम, लोगो और डिजाइन भी असली जैसा हो सकता है. ऐसे में केवल वेबसाइट का लुक देखकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है. खरीदारी से पहले वेबसाइट का URL ध्यान से देखें. कोशिश करें कि हमेशा ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट से ही सामान खरीदें और किसी अनजान लिंक से खुली वेबसाइट पर पेमेंट न करें.

कस्टमर केयर के नाम पर भी हो सकता है फ्रॉड

ऑनलाइन ऑर्डर में कोई परेशानी आने पर लोग अक्सर Google या सोशल मीडिया पर कस्टमर केयर नंबर खोजने लगते हैं. ठग इसी का फायदा उठाकर फर्जी कस्टमर केयर नंबर चला सकते हैं. फोन पर वे ऑर्डर की समस्या ठीक करने या रिफंड दिलाने के नाम पर OTP, कार्ड डिटेल या UPI से पेमेंट करने के लिए कह सकते हैं. ध्यान रखें कि OTP, UPI PIN और कार्ड का CVV किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए.

विज्ञापन

रिफंड के नाम पर QR कोड स्कैन न करें

कई मामलों में ठक रिफंट कैशबैक या ऑफर का पैसा देने के नाम पर QR कोड स्कैन करने को कहते हैं. यहां एक बात हमेशा याद रखें कि किसी से पैसा प्राप्त करने के लिए आपको UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती. अगर कोई व्यक्ति रिफंड दिलाने के नाम पर UPI PIN डालने, QR कोड स्कैन करने या कोई पेमेंट करने के लिए कह रहा है तो सावधान हो जाएं. यह फ्रॉड का संकेत हो सकता है.

ऑनलाइन शॉपिंग में इन बातों का रखें ध्यान

  • WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें.
  • किसी भी ऑफर को खरीदने से पहले उसे आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर चेक करें.
  • वेबसाइट का URL ध्यान से देखें और स्पेलिंग में गलती होने पर तुरंत साइट बंद कर दें.
  • बहुत ज्यादा सस्ता ऑफर देखकर तुरंत पेमेंट न करें.
  • OTP, UPI PIN, CVV और बैंक की दूसरी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ शेयर न करें.
  • रिफंड या कैशबैक के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन न करें.
  • ऑनलाइन पेमेंट के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद नेटवर्क का इस्तेमाल करें.
  • कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लें.

फ्रॉड हो जाए तो तुरंत करें ये काम

अगर गलती से किसी फर्जी लिंक पर क्लिक हो गया है या आपके खाते से पैसे निकल गए हैं तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करें. बैंक को इसकी जानकारी दें और जरूरत पड़ने पर कार्ड या अकाउंट को ब्लॉक करवाएं. ऑनलाइन फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें. जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे को रोकने या आगे की कार्रवाई करने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ