सर्दियों में गर्म पानी के लिए घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल इलेक्ट्रिक रॉड और गीजर का होता है. कुछ लोग बाल्टी में रॉड डालकर पानी गर्म करना पसंद करते हैं, तो कई घरों में गीजर लगा होता है. अक्सर यह सवाल भी उठता है कि इन दोनों में से आखिर कौन ज्यादा बिजली खाता है. कई लोगों को लगता है कि रॉड सस्ती है तो इसका बिजली बिल भी कम आएगा, जबकि गीजर को ज्यादा बिजली खर्च करने वाला माना जाता है. लेकिन असल तस्वीर थोड़ी अलग है. बिजली की खपत सिर्फ रॉड या गीजर पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी क्षमता, पानी की मात्रा और इस्तेमाल के समय पर भी निर्भर करती है.
पानी गर्म करने वाली रॉड कितनी बिजली लेती है?
इलेक्ट्रिक रॉड को बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. बाजार में आमतौर पर 1,000 वॉट, 1,500 वॉट और 2,000 वॉट की रॉड मिलती हैं. रॉड जितने ज्यादा वॉट की होगी, लगातार चलने पर उतनी ही ज्यादा बिजली खर्च करेगी.
उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 1,500 वॉट यानी 1.5 किलोवॉट की रॉड है और वह एक घंटे तक चलती है, तो करीब 1.5 यूनिट बिजली खर्च होगी. वहीं, आधे घंटे तक चलाने पर खपत करीब 0.75 यूनिट होगी. हालांकि, पानी गर्म होने में लगने वाला समय उसकी मात्रा और शुरुआती तापमान पर भी निर्भर करता है.
गीजर कितनी बिजली खर्च करता है?
इलेक्ट्रिक गीजर में पानी टैंक के अंदर गर्म होता है. घरों में आमतौर प 1500 से 3000 वॉट तक के गीजर देखने को मिलते है. कई गीजर में थर्मोस्टेट भी दिया जाता है, जो पानी तय तापमान तक पहुंचने के बाद हीटिंग को बंद कर सकता है. इसलिए गीजर की रेटेड क्षमता देखकर ही यह नहीं कहा जा सकता कि हर इस्तेमाल में वह उतनी ही बिजली खर्च करेगा.
मान लीजिए आपके घर में 2,000 वॉट यानी 2 किलोवॉट का गीजर है. अगर उसका हीटिंग एलिमेंट एक घंटे तक लगातार चलता है, तो करीब 2 यूनिट बिजली खर्च होगी. लेकिन सामान्य इस्तेमाल में हीटिंग एलिमेंट लगातार एक घंटे तक चलता रहे, यह जरूरी नहीं है. पानी तय तापमान तक पहुंचने के बाद थर्मोस्टेट हीटिंग बंद कर सकता है.
रॉड और गीजर में कौन ज्यादा बिजली खाता है?
इसका जवाब सिर्फ यह देखकर नहीं दिया जा सकता कि आपके पास रॉड है या गीजर. असल बिजली खपत उपकरण की वॉट क्षमता और उसके चलने के समय पर निर्भर करती है. उदाहरण के लिए, 1,500 वॉट की रॉड और 2,000 वॉट का गीजर दोनों अगर लगातार एक घंटे चलें, तो गीजर ज्यादा बिजली खर्च करेगा.
क्या समान पानी गर्म करने पर भी खपत अलग हो सकती है?
अगर रॉड और गीजर से एक जैसी मात्रा में पानी को एक ही तापमान तक गर्म किया जाए, तो पानी को दी जाने वाली गर्मी सामान्य स्थिति में लगभग समान होगी. अंतर उपकरण की क्षमता, हीटिंग की दक्षता, गर्मी के नुकसान और इस्तेमाल के तरीके से आ सकता है. इसलिए यह कहना सही नहीं है कि रॉड हर स्थिति में सस्ती होगी या गीजर हमेशा ज्यादा बिजली खाएगा.
1,500 वॉट की रॉड का एक घंटे का खर्च कितना होगा?
मान लेते हैं कि आपके इलाके में बिजली की कीमत 8 रुपये प्रति यूनिट है. अगर 1,500 वॉट यानी 1.5 किलोवॉट की रॉड लगातार एक घंटे चलती है, तो करीब 1.5 यूनिट बिजली खर्च होगी. इस हिसाब से एक घंटे का खर्च करीब 12 रुपये आएगा.
2,000 वॉट के गीजर का एक घंटे का खर्च कितना होगा?
2,000 वॉट यानी 2 किलोवॉट का गीजर अगर हीटिंग के दौरान लगातार एक घंटे चलता है, तो करीब 2 यूनिट बिजली खर्च होगी. 8 रुपये प्रति यूनिट की दर से इसका खर्च करीब 16 रुपये होगा.
बिजली का बिल कम करने के लिए क्या करें?
पानी गर्म करते समय जरूरत से ज्यादा पानी गर्म न करें. गीजर में जरूरत से ज्यादा तापमान सेट करने से भी बचें. पानी गर्म होने के बाद अगर तुरंत गर्म पानी की जरूरत नहीं है, तो गीजर बंद कर दें. घर में लोगों की संख्या और रोजाना गर्म पानी की जरूरत के हिसाब से ही गीजर की क्षमता चुनना भी बिजली बचाने में मदद कर सकता है.