दिवाली के मौके पर ऑनलाइन शॉपिंग करना अब आम बात हो गई है. इस दौरान ई-कॉमर्स कंपनियां स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और दूसरे सामान पर शानदार डिस्काउंट देती हैं. लेकिन इन ऑफर्स के बीच साइबर ठग भी लोगों को निशाना बनाने की फिराक में रहते हैं. वे नकली वेबसाइट, फर्जी डिस्काउंट और लकी ड्रॉ के मैसेज भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं. कई बार एक अनजान लिंक पर क्लिक करना या जल्दबाजी में पेमेंट करना भारी पड़ सकता है. इससे बैंक अकाउंट खाली होने के साथ आपकी निजी जानकारी भी चोरी हो सकती है. ऐसे में दिवाली पर ऑनलाइन खरीदारी करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
जरूरत से ज्यादा डिस्काउंट से सतर्क
अगर सोशल मीडिया पर किसी महंगे स्मार्टफोन या गैजेट पर 70-80 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है, तो बिना जांच किए भरोसा न करें. कई फर्जी वेबसाइट महंगे प्रोडक्ट बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा करती हैं. इनका मकसद सामान बेचना नहीं, बल्कि लोगों से पेमेंट लेकर गायब होना होता है. इसलिए किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी कीमत ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट या भरोसेमंद शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर जरूर चेक करें. इसके अलावा वेबसाइट पर दिखने वाले उल्टे टाइमर और ‘केवल 3 आइटम बचे हैं’ जैसे मैसेज देखकर जल्दबाजी में खरीदारी न करें.
फ्री गिफ्ट और लकी ड्रॉ के मैसेज से बचें
दिवाली के दौरान WhatsApp या SMS पर आईफोन, सोने का सिक्का या शॉपिंग वाउचर जीतने जैसे मैसेज मिल सकते हैं. ऐसे मैसेज के साथ दिए गए अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें. इनके जरिए ठग आपकी निजी जानकारी और बैंक या कार्ड से जुड़ी डिटेल चुरा सकते हैं. ध्यान रखें कि कोई भी असली इनाम पाने के लिए आपसे UPI PIN या OTP नहीं मांगता. अगर कोई अनजान वेबसाइट या व्यक्ति इनकी जानकारी मांगता है, तो तुरंत उससे दूरी बना लें.
नकली वेबसाइट और ऐप की ऐसे करें पहचान
साइबर ठग कई बार मशहूर शॉपिंग वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बना लेते हैं. इनके URL में अक्सर एक-दो अक्षरों का अंतर होता है, जिसे जल्दबाजी में पहचानना मुश्किल हो सकता है. इसलिए पेमेंट करने से पहले वेबसाइट का पता, Contact Us और रिटर्न पॉलिसी जरूर चेक करें. किसी अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड करने से भी बचें. नया ऐप डाउनलोड करना हो, तो हमेशा Google Play Store या Apple App Store का ही इस्तेमाल करें.
डिलीवरी और कस्टमर केयर के नाम पर भी हो सकती है ठगी
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ठग पार्सल अटकने या एड्रेस अपडेट करने के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाते हैं. ऐसे में अगर आपके पास किसी अनजान नंबर से मैसेज आता है और उसमें लिंक दिया गया है, तो उस पर क्लिक न करें. इसी तरह, कस्टमर केयर का नंबर भी गूगल पर मिले किसी अनजान सोर्स से लेने के बजाय कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप से ही निकालें. किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN या फोन का स्क्रीन शेयर करने की अनुमति बिल्कुल न दें. ऑर्डर से जुड़ी जानकारी हमेशा शॉपिंग ऐप में जाकर ही चेक करें.
ऑनलाइन शॉपिंग को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये तरीके
- वेबसाइट का पता खुद टाइप करें या कंपनी के ऑफिशियल ऐप से खरीदारी करें.
- पेमेंट के लिए शॉपिंग प्लेटफॉर्म के सुरक्षित पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करें.
- किसी नई वेबसाइट से खरीदारी करने से पहले उसके रिव्यू जरूर चेक करें.
- हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें.
- अपने अकाउंट में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें.
- बहुत ज्यादा डिस्काउंट या जल्दबाजी में खरीदारी करने के दबाव में पेमेंट न करें.
ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत करें ये काम
अगर दिवाली की खरीदारी के दौरान आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाता है, तो बिना देर किए अपने बैंक को इसकी जानकारी दें. जरूरत पड़ने पर कार्ड या बैंक अकाउंट ब्लॉक करवाएं. इसके बाद अपने संबंधित अकाउंट्स के पासवर्ड बदल दें. अगर आपने कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड की है, तो उसे फोन से हटा दें. साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए सरकारी वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाएं या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें. ध्यान रखें कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, पैसे को रोकने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है.