गंदी हवा ही नहीं, गंदे फिल्टर से भी है खतरा! एयर प्यूरीफायर यूज करने से पहले जान लें कैसे करनी है सफाई

शहरों की जहरीली होती हवा में एयर प्यूरीफायर जरूर राहत देता है, लेकिन अगर उसका फिल्टर समय पर साफ न किया जाए तो वही मशीन नुकसान पहुंचा सकती है. इस आर्टिक में जानिए साफ फिल्टर क्यों जरूरी है, सही सफाई का तरीका क्या है और कैसे छोटी सावधानी से आप बेहतर हवा, कम बिजली खर्च और लंबी उम्र वाली मशीन पा सकते हैं.

Air purifier filter cleaning

photo-News24 GFX

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Air Purifier Filter Cleaning Tips: आज शहरों में हवा इतनी खराब हो चुकी है कि सांस लेना तक मुश्किल हो गया है. खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में धुएं और धूल की वजह से लोग घर के अंदर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे. ऐसे में एयर प्यूरीफायर लोगों के लिए राहत का सबसे भरोसेमंद साधन बन गया है. लेकिन सिर्फ मशीन खरीद लेना काफी नहीं होता, उसकी सही देखभाल भी उतनी ही जरूरी है. अगर फिल्टर गंदा हो, तो वही मशीन जो आपको साफ हवा देने के लिए लाई गई थी, उल्टा नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए एयर प्यूरीफायर को ठीक तरह से इस्तेमाल करना और समय-समय पर उसकी सफाई करना बेहद जरूरी है.

साफ फिल्टर का मतलब साफ और सुरक्षित हवा

एयर प्यूरीफायर का दिल उसका फिल्टर होता है. यही फिल्टर हवा से धूल, मिट्टी, धुआं, परागकण और बैक्टीरिया जैसे खतरनाक कणों को रोकता है. जब फिल्टर साफ रहता है, तो मशीन हवा को जल्दी और बेहतर तरीके से शुद्ध कर पाती है. वहीं, अगर फिल्टर पर गंदगी जम जाए, तो हवा का बहाव रुक जाता है और सफाई की ताकत कम हो जाती है. ऐसे में कमरे की हवा साफ होने की जगह और खराब हो सकती है, जो सेहत के लिए बिल्कुल सही नहीं है.

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बिजली की बचत और मशीन की लंबी उम्र

साफ फिल्टर का एक और बड़ा फायदा यह है कि मशीन पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता. गंदे फिल्टर के कारण मोटर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है. इससे न सिर्फ आपका बिजली का बिल ज्यादा आता है, बल्कि मशीन जल्दी खराब होने का खतरा भी रहता है. अगर आप नियमित रूप से फिल्टर साफ करते हैं, तो एयर प्यूरीफायर ज्यादा समय तक सही चलता रहेगा और बार-बार नया फिल्टर खरीदने का खर्च भी बचेगा.

फिल्टर की सफाई का आसान तरीका

फिल्टर साफ करने से पहले सबसे जरूरी काम है मशीन को बंद करना और प्लग निकाल देना. इसके बाद एयर प्यूरीफायर का पीछे का कवर खोलें और फिल्टर बाहर निकाल लें. फिल्टर पर जमी धूल को हटाने के लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें या फिर सूखे, साफ कपड़े से हल्के हाथों से पोंछें. ध्यान रखें कि फिल्टर को पानी से न धोएं, क्योंकि इससे वह खराब हो सकता है और उसकी क्षमता कम हो जाती है. सफाई के बाद फिल्टर को ठीक से वापस लगा दें.

धूल सेंसर और बाहर की सफाई भी है जरूरी

अक्सर लोग सिर्फ फिल्टर पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन मशीन के अंदर लगा धूल सेंसर भी उतना ही जरूरी होता है. इस सेंसर पर गंदगी जम जाए, तो मशीन सही ढंग से हवा की गुणवत्ता नहीं बता पाती. सेंसर के पास लगे स्पंज को हल्के से वैक्यूम करें और फिर रुई के फाहे से उसके वेंट साफ कर लें. मशीन के बाहर के हिस्से को मुलायम कपड़े से पोंछना भी न भूलें, ताकि धूल फिर से अंदर न जाए.

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सफाई के बाद रखरखाव के आसान नियम

अगर आपने लंबे समय तक एयर प्यूरीफायर नहीं चलाना है, तो उसे कवर में ढककर रखें, ताकि धूल अंदर न जाए. ज्यादातर मशीनों में एक लाइट या इंडिकेटर होता है जो बताता है कि फिल्टर बदलने का समय आ गया है. इस संकेत को नजरअंदाज न करें. आम तौर पर हर दो हफ्ते में फिल्टर की सफाई करना अच्छी आदत मानी जाती है. अगर आपको लगे कि मशीन से अजीब आवाज आ रही है या हवा पहले जैसी साफ नहीं हो रही, तो समझ जाएं कि अब फिल्टर बदलने का वक्त आ गया है.

थोड़ी सी सावधानी, सेहत की बड़ी सुरक्षा

एयर प्यूरीफायर तभी फायदेमंद होता है, जब उसकी सही देखभाल की जाए. एक साफ फिल्टर आपको साफ हवा, कम बिजली खर्च और लंबी उम्र वाली मशीन देता है. रोजमर्रा की भागदौड़ में हम अक्सर छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही बातें आगे चलकर बड़ी परेशानी बन जाती हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके घर की हवा वाकई शुद्ध रहे, तो फिल्टर की सफाई को आदत बना लें. यही छोटी सी आदत आपको और आपके परिवार को बड़ी बीमारियों से बचा सकती है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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