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प्रमोशन चाहिए तो AI सीखिए, वरना…कर्मचारियों के लिए IT कंपनी का चौंकाने वाला फरमान

अब सिर्फ मेहनत और अनुभव काफी नहीं है. आईटी दिग्गज Accenture ने साफ कर दिया है कि प्रमोशन के लिए AI का इस्तेमाल जरूरी होगा. जो कर्मचारी AI टूल्स नहीं अपनाएंगे, वे लीडरशिप रेस से बाहर हो सकते हैं.

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नौकरी और प्रमोशन पर AI का असर. (Photo-Freepik)

काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है. अब कंपनियां सिर्फ AI की बात नहीं कर रहीं, बल्कि कर्मचारियों से इसे रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल करने की उम्मीद भी कर रही हैं. इसी कड़ी में आईटी कंपनी Accenture ने साफ संकेत दे दिया है कि जो कर्मचारी AI को अपनाएंगे, वही आगे बढ़ पाएंगे. यानी अब प्रमोशन सिर्फ अनुभव या प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगा कि आप AI का कितना और कैसे उपयोग करते हैं.

प्रमोशन के लिए AI का इस्तेमाल जरूरी

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Accenture ने अपने एसोसिएट डायरेक्टर और सीनियर मैनेजर स्तर के कर्मचारियों को ईमेल भेजकर बताया है कि लीडरशिप रोल में प्रमोशन के लिए AI टूल्स का नियमित उपयोग जरूरी होगा. कंपनी का संदेश साफ है- अगर आप अपने काम में AI का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आगे बढ़ने की संभावना कम हो सकती है.

कंपनियों के काम करने का तरीका बदल रहा

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India AI Impact Summit के दौरान Accenture की CEO जूली स्वीट ने कहा कि कंपनियों को अपने काम करने के पुराने तरीकों को बदलना होगा. उनका मानना है कि आने वाले समय में संस्थानों को अपनी प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करना होगा और कर्मचारियों को भी AI के मुताबिक खुद को ढालना पड़ेगा. यानी सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, पूरी वर्कफोर्स का ढांचा बदलने की तैयारी चल रही है.

AI स्किल न होने पर नौकरी पर भी असर

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Accenture पहले ही ऐसे करीब 11,000 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है, जिन्हें AI के हिसाब से रीस्किल करना संभव नहीं माना गया. पिछले तीन साल में कंपनी इस पर करीब 2 अरब डॉलर खर्च कर चुकी है. इससे साफ है कि कंपनियां अब ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं, जो नई तकनीक के साथ तेजी से सीख और काम कर सकें.

सिर्फ Accenture ही नहीं, पूरी इंडस्ट्री का ट्रेंड

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AI को लेकर सख्ती सिर्फ Accenture तक सीमित नहीं है. माइक्रोसॉफ्ट ने भी कर्मचारियों से कहा था कि अब AI का इस्तेमाल वैकल्पिक नहीं है और इसे प्रदर्शन मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा. Google और Meta जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों के AI उपयोग पर नजर रख रही हैं. Google के CEO सुंदर पिचाई ने भी पहले कहा था कि जो कर्मचारी AI नहीं अपनाएंगे, वे पीछे रह सकते हैं.

कर्मचारियों की AI गतिविधि पर नजर कैसे रखी जाएगी

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रिपोर्ट के अनुसार, Accenture अपने इन-हाउस प्लेटफॉर्म जैसे AI Refinery के जरिए कर्मचारियों के लॉग-इन और उपयोग को ट्रैक करेगी. इससे कंपनी को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन कर्मचारी वास्तव में अपने काम में AI का इस्तेमाल कर रहा है. यह प्लेटफॉर्म NVIDIA के साथ मिलकर तैयार किया गया है.

सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा नियम

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हालांकि यह नियम सभी पर लागू नहीं होगा. यूरोप के 12 देशों में काम करने वाले कर्मचारियों और अमेरिकी सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़े कुछ विभागों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है. इसका कारण वहां के नियम और तकनीक से जुड़े अनुबंध बताए जा रहे हैं. वहीं, अभी यह साफ नहीं है कि भविष्य में एंट्री-लेवल कर्मचारियों पर भी ऐसा दबाव बनाया जाएगा या नहीं.

बढ़ती छंटनी और बदलता रोजगार बाजार

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पिछले एक साल में Amazon, TCS, Infosys और Accenture जैसी कंपनियों समेत एक लाख से ज्यादा आईटी कर्मचारियों की नौकरियां जा चुकी हैं. कंपनियों का मानना है कि AI से काम तेजी से और कम लोगों में हो सकता है. इसलिए अब फोकस प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और कर्मचारियों को AI के साथ काम करने के लिए तैयार करने पर है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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