MLC चुनाव में भारत में 'स्नातक' और 'शिक्षक' सीटें क्यों होती हैं? जानिए इनका मतलब क्या है

MLC Elections: आपने हाल के विधान परिषद चुनाव की खबरें पढ़ी होंगी, तो गौर किया होगा कि इसमें ‘स्नातक’ और ‘शिक्षक’ निर्वाचन क्षेत्र आते हैं. आखिर इन चुनावों के लिए ‘ग्रेजुएट’ और ‘टीचर’ सीट क्यों बनाई गई थी? आइए समझने की कोशिश करते हैं.

MLC Results Nagpur PTI

नागपुर में एमएलसी चुनाव के वोटों की गिनती (Photo-PTI)

Graduate and Teacher Constituencies: भारत में, कुछ राज्यों में विधान परिषद होती है, जिसके चुने गए सदस्यों को एमएलसी कहा जाता है. लोकसभा या विधानसभा चुनावों के उलट, जहां सभी एलिजिबल बालिग वोटर्स वोट डाल सकते हैं, विधान परिषद चुनावों में मतदाताओं की अलग-अलग कैटेगरी होती हैं, जिनमें स्नातक (ग्रेजुएट) और शिक्षक (टीचर) शामिल हैं.

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स्नातक सीट का क्या मतलब है?

ग्रेजुएट कॉन्सट्यूएंसी एक खास चुनावी क्षेत्र होता है, जहां एलिजिबल और रजिस्टर्ड ग्रेजुएट ही एमएलसी को चुनने के लिए वोट डाल सकते हैं. इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता बनने के लिए, किसी भी शख्स को आमतौर पर कुछ अहम शर्तों को पूरा करना होता है, जैसे- वो भारत का नागरिक हो और आम तौर पर उसी निर्वाचन क्षेत्र में रहता हो. उसके पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की डिग्री (या इसके समकक्ष कोई योग्यता) हो, जो निर्धारित तारीख से कम से कम 3 साल पहले हासिल की गई हो. उसे ग्रेजुएट कॉन्सट्यूएंसी की वोटर लिस्ट में अलग से रजिस्टर कराना होता है.

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शिक्षक सीट का क्या मतलब है?

टीचर कॉन्सट्यूएंसी एक ऐसा चुनावी क्षेत्र होता है, जहां एलिजिबल शिक्षक एमएलसी को चुनने के लिए वोट डालते हैं.इसके लिए आमतौर पर कुछ अहम शर्तें होती हैं, जैसे- वो शख्स आम तौर पर उसी निर्वाचन क्षेत्र का निवासी हो. उसने निर्धारित तारीख से ठीक पहले के 6 साल के दौरान, कम से कम 3 साल तक टीचर के तौर पर काम किया हो. वो किसी ऐसे मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में पढ़ा रहा हो, जो सेकेंडरी स्कूल या उससे ऊपर का हो.

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ग्रेजुएट और टीचर सीट क्यों बनाई गई थी?

ग्रेजुएट हायर एजुकेशन और पेशेवर जिंदगी से जुड़े नजरिए लाते हैं, जबकि टीचर एजुकेशन से जुड़े मुद्दों, स्कूलों और शिक्षक समुदाय का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के तहत MLC की तकरीबन 1/12 सीटें स्नातकों की तरफ से चुनी जाती हैं, वहीं लगभग 1/12 सीटें शिक्षक चुनते हैं. आसान शब्दों में कहें तो, ‘स्नातक’ और ‘शिक्षक’ निर्वाचन क्षेत्रों का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि राज्य विधान परिषद में शिक्षित नागरिकों और शिक्षक समुदाय को प्रतिनिधित्व का एक स्पेशल जरिया मिल सके.

MLC चुनाव 2026 के नतीजे क्या रहे?

यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में 28 विधान परिषद सीटों के लिए अक्टूबर 2026 के चुनावों ने एनडीए को बड़ी जीत दिलाई. बीजेपी और उसके सहयोगियों ने 16 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 5 सीटें हासिल कीं. कांग्रेस सिर्फ एक जीत हासिल कर पाई, महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, जहां अभिजीत वंजारी ने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को हराया. कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने सभी 4 सीटों पर कब्जा कर लिया. बिहार में बड़े उलटफेर हुए, जन ​​सुराज ने अपना खाता खोला और आरजेडी ने एक अनुभवी भाजपा एमएलसी को हरा दिया.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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