Driverless Cars in India: भारत में ड्राइवरलेस यानी बिना ड्राइवर वाली कारों को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। गडकरी ने कहा है कि भारत में ड्राइवरलेस कारें नहीं आएंगी। उन्होंने इससे नौकरी जाने का खतरा बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गडकरी ने कहा कि, ”मैं कभी भी ड्राइवरलेस कारों को भारत में आने की इजाजत नहीं दूंगा क्योंकि इससे कई ड्राइवरों की नौकरियां चली जाएंगी।” उन्होंने यह बात आईआईएम नागपुर में जीरो माइल संवाद में बोलते हुए कही। साथ ही उन्होंने टेस्ला के भारत में आने पर स्वागत की बात कही।
और क्या कहा गडकरी ने
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अमेरिका में भी कहा था कि मैं भारत में बिना ड्राइवर वाली कारें नहीं आने दूंगा। उन्होंने कहा कि, हमारे देश में बहुत से लोगों को ड्राइवर के तौर पर नौकरियां मिलती हैं। ड्राइवरलेस कारें आने से 70-80 लाख लोगों की नौकरियां चली जाएंगी। इसके पहले भी गडकरी भारत में ड्राइरलेस कारों के नहीं आने की बात कर चुके हैं।
इस समय दुनिया के कई देशों में ड्राइवरलेस कारों को लेकर चर्चा चल रही है। कई कंपनियां ऐसी कारें सड़कों पर उतारने के लिए काम कर रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि ऐसी कारों से सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी। आधुनिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। माना जा रहा है कि ड्राइवरलेस कार सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होती हैं। बीते कुछ सालों में लोगों की सोच इसे लेकर काफी बदली है।
कार बनाने वाली कई कंपनियां ड्राइवरलेस कारों का परीक्षण कर रही हैं। यह भी दावा किया जाता है कि इन कारों से पार्किंग की समस्या नहीं होगी लेकिन ट्रैफिक की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ऐसी कारें ऑटोमिटेक होती हैं और स्पीड खुद ही नियंत्रित होती रहती है। भारत में ऐसी कारें चलाना काफी चुनौती भरा होगा क्योंकि यहां की सड़कें अभी इसके लायक नहीं हो पाई हैं। यहां का ट्रैफिक जाम और लोगों का ट्रैफिक नियम तोड़ना भी मुसीबत बन सकता है।