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क्या है भारत में सोशल मीडिया यूज करने की मिनिमम एज लिमिट? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया बड़ा निर्देश

सोशल मीडिया के जरिए लोगों के बीच कनेक्ट करना बेहद आसान हो गया है, हालांकि बच्चों पर इसके बुरे असर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी चिंता जताई गई है, लेकिन क्या आप जानते हैं भारत समेत दुनिया के देशों में सोशल मीडिया यूज करने की मिनिमम एज लिमिट क्या है?

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सोशल मीडिया यूज पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (Photo- AI and PTI)

Minimum Age For Social Media Uses: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो इस बात पर विचार करे कि क्या बच्चों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को रेगुलेट करने के लिए और कड़े कानूनी नियम बनाए जा सकते हैं. इसमें ऐसी सेवाओं के साथ स्वतंत्र रूप से एग्रीमेंट करने के लिए कम से कम 18 साल की उम्र की शर्त भी शामिल हो सकती है. सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच, एनजीओ ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस’ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. सीनियर एडवोकेट एचएस फूलका ने पिटीशनर का पक्ष रखा.

कोर्ट ने क्या चिंता जताई?

अदालत ने सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वो देखें कि क्या नाबालिगों से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों को सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के नियमों में शामिल किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट खोलने के लिए सर्विस की शर्तों को स्वीकार करना होता है, जो एक तरह का कॉन्ट्रैक्ट हो सकता है.

इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1872 की धारा 11 का हवाला देते हुए, जस्टिस बागची ने कहा कि नाबालिगों के पास कॉन्ट्रैक्ट करने की कानूनी क्षमता नहीं होती है. सॉलिसिटर जनरल ने माना कि नाबालिगों से जुड़े ऐसे कॉन्ट्रैक्ट वॉइड होते हैं और संकेत दिया कि सरकार उचित कदम उठा सकती है. कोर्ट ने ये भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जरूरतें सिर्फ सलाह तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और सुझाव दिया कि उन्हें कानूनी इंटरमीडियरी-नियम ढांचे में शामिल करने पर विचार किया जाए.

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PIL में बच्चों की बेहतर सुरक्षा की मांग

याचिका में ऑनलाइन ग्रूमिंग, सेक्स्टॉर्शन, साइबर बुलिंग, यौन शोषण और बच्चों की निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है. इसमें ये भी बताया गया है कि कई बड़े प्लेटफॉर्म 13 साल और उससे ज्यादा उम्र के यूजर्स को अकाउंट बनाने की इजाजत देते हैं, और अक्सर वो यूजर की तरफ बताई गई जन्मतिथि पर ही भरोसा करते हैं. याचिका में तर्क दिया गया है कि नाबालिगों से जुड़े भारतीय कानूनों के संदर्भ में ऐसे तौर-तरीकों की जांच की जानी चाहिए.

पिटीशन में बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग नहीं की गई है. इसके बजाय इसमें सुरक्षा उपायों का सुझाव दिया गया है, जैसे माता-पिता या गार्जियन की सहमति और ऑटोमेटेड टेक्नोलॉजिकल मैकेनिज्म, ताकि नाबालिग इंडिपेंडेंट तौर पर सोशल मीडिया अकाउंट न बना सकें. अब केंद्र सरकार से कहा गया है कि वो ये देखे कि क्या इन सुरक्षा उपायों को कानूनी नियमों में शामिल किया जा सकता है. ये मामला इलेक्ट्रॉनिक्स और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टरी और लॉ एंड जस्टिस मिनस्ट्री से जुड़ा है.

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भारत में मिनिमम एज लमिट नहीं

भारत में सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए कोई कानूनी न्यूनतम उम्र तय नहीं है. कई प्लेटफॉर्म आम तौर पर अपनी शर्तों और लागू नियमों के आधार पर न्यूनतम उम्र 13 साल तय करते हैं. हालांकि ये मामला अभी कानूनी और पॉलिसी के लेवल पर विचाराधीन है. इंडिया में सोशल मीडिया का बुरा असर बच्चों के बीच लगातार देखा जा रहा है, ऐसे में इसको लेकर पाबंदी की मांग उठना लाजमी है.

दुनिया के बाकी देशों में एज लिमिट

मिनिमम एज लिमिट तय करने की लिस्ट में सबसे लेटेस्ट कंट्री ऑस्ट्रेलिया है जहां 10 दिसंबर 2025 से, संबंधित सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ये जरूरी हो गया है कि वो 16 साल से कम उम्र के नागरिकों को अकाउंट बनाने से रोकने के लिए उचित कदम उठाएं. यूके में 16 साल की उम्र की पाबंदी अभी लागू नहीं है, बल्कि इसे 2027 के वसंत में लागू करने की प्लानिंग है. फ्रांस और नॉर्वे ने भी 15 साल की उम्र के प्रपोजल पर काम किया है. यूरोपियन यूनियन के लिए यूरोपीयन कमिशन ने सितंबर 2026 में प्रपोजल दिया था कि 13 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करें, 13 से 14 साल की उम्र के बच्चे माता-पिता की देखरेख वाले सीमित अकाउंट का इस्तेमाल करें, और 15 साल की उम्र से यूजर खुद अपने अकाउंट मैनेज कर सकें. ये सिर्फ एक प्रस्ताव है, अभी पूरे ईयू में लागू कानून नहीं.

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क्रम संख्यादेशन्यूनतम आयु/प्रस्तावित आयुमौजूदा स्थिति
1भारत13 सालसिर्फ प्लेटफॉर्म पर लिमिट
2ऑस्ट्रेलिया16 साललागू
3ब्रिटेन16 सालसरकारी प्लान/प्रस्ताव
4अमेरिका13 सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों की सामान्य सीमा; अलग-अलग राज्य/संघीय प्रस्ताव
5 कनाडा16 सालप्रस्ताव/चर्चा
6 फ्रांस15 सालकानूनी प्रावधान/आयु-सहमति व्यवस्था
7जर्मनी14-6 सालअलग प्रस्ताव/चर्चा
8स्पेन14 सालबड़े प्लेटफॉर्मों पर 14; आगे सख्ती के प्रस्ताव
9इटली14 साल14 से कम के लिए पैरेंटल कंसेंट
10पुर्तगाल16 सालप्रस्तावित
11नॉर्वे16 सालप्रस्तावित
12डेनमार्क15 सालप्रस्तावित; 13+ के लिए पैरेंटल कंसेंट का प्रस्ताव
13फिनलैंड15 सालप्रस्तावित
14स्वीडन15 सालप्रस्ताव/जांच
15नीदरलैंड्स15 सालप्रस्तावित
16पोलैंड15 सालप्रस्तावित
17रोमानिया16 सालप्रस्तावित
18स्लोवेनिया15 सालप्रस्तावित
19स्लोवाकिया16 सालप्रस्तावित
20लिथुआनिया16 सालविधायी प्रस्ताव
21लक्जमबर्ग16 सालEU स्तर पर प्रस्ताव/चर्चा
22ऑस्ट्रिया14सालप्रस्तावित
23बेल्जियम13 सालकुछ क्षेत्रों में प्रस्ताव
24बुल्गारिया16 सालप्रस्तावित; 13+ पैरेंटल कंसेंट
25साइप्रस15 सालप्रस्तावित
26चेक गणराज्य13-16 सालचर्चा
27ग्रीस15-16 सालचर्चा/प्रस्ताव
28आयरलैंड16 सालनई age-verification व्यवस्था पर काम
29लातवियानिर्धारित नहींनियमन पर चर्चा
30माल्टानिर्धारित नहींसुधार/सलाह जारी
31आइसलैंड13 सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों की सामान्य सीमा
32स्विट्जरलैंड13 सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों की सामान्य सीमा; नए प्रस्तावों पर चर्चा
33तुर्किये15 सालअपनाया गया प्रावधान
34इंडोनेशिया16 साललागू, चरणबद्ध कार्यान्वयन
35मलेशिया16 साल1 जून 2026 से आयु-संबंधी नियम लागू
36न्यूजीलैंड16 सालप्रस्तावित
37दक्षिण अफ्रीका16 सालचर्चा
38दक्षिण कोरिया14-16 सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों पर 14; 16 का प्रस्ताव
39जापान13 सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों की सामान्य सीमा
40सिंगापुर13 सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों की सीमा
41फिलीपींसनिर्धारित नहीं2026 में न्यूनतम आयु कानून का प्रस्ताव लंबित
42थाईलैंड13-16 सालअलग-अलग प्रस्ताव/नियमों पर चर्चा
43चीन14 साल तक विशेष नियमनाबालिगों के लिए कड़े ऑनलाइन नियम
44हांगकांग13सालप्रमुख प्लेटफॉर्मों की सामान्य सीमा
45 यूएई13-16 सालप्लेटफॉर्म/नियामक व्यवस्था के अनुसार
46मिस्रनिर्धारित नहींन्यूनतम आयु पर चर्चा
47नाइजीरियानिर्धारित नहींचर्चा
48जिम्बाब्वे18 सालप्रस्ताव/चर्चा
49कोस्टा रिका14 साल + पैरेंट का कंसेट / 18 सालप्रस्तावित
50इक्वाडोर15 सालप्रस्तावित

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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