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भारत-EU की 'मदर्स ऑफ ऑल डील' से US में क्यों मची खलबली? जानें - भारतीयों के लिए क्या होगा सस्ता

जून 2022 में करीब नौ साल के बाद फिर इस डील पर बातचीत शुरू हुई. मंगलवार को इस डील पर साइन हुए. डील के जरिए 1.9 बिलियन से ज्यादा कंज्यूमर्स को मार्केट मिलेगा.

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इस समझौते ने अमेरिका को थोड़ा असहज कर दिया है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते को ‘मदर्स ऑफ ऑल डील’ बताया जा रहा है. इसने दूसरे देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इससे दो अरब लोगों के लिए बाजार तैयार होने की उम्मीद है. यह ग्लोबल जीडीपी का करीब एक चौथाई हिस्सा होगा. इस डील की वजह से यूरोप के भारत आने वाले करीब 97 फीसदी सामानों पर टैरिफ कम होगा.

इस समझौते ने अमेरिका को थोड़ा असहज कर दिया है. अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को उन आरोपों को दोहराया कि रूस से भारत का तेल खरीदने की वजह से यूक्रेन-रूस युद्ध को फंड मिल रहा है.

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यह डील इतनी अहम क्यों?

EU भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है, जिसके साथ साल 2023-24 में $135 बिलियन के सामान का ट्रेड हुआ. FTA से भारत और EU के सदस्य देशों के बीच ट्रेड में काफी बढ़ोतरी होगी. जून 2022 में करीब नौ साल के बाद फिर इस डील पर बातचीत शुरू हुई. मंगलवार को इस डील पर साइन हुए. डील के जरिए 1.9 बिलियन से ज्यादा कंज्यूमर्स को मार्केट मिलेगा. इस डील की वजह से व्यापार को ऐसे समय में बढ़ावा मिलेगा, जब सरकार अमेरिकी टैरिफ का बोझ कम करने पर फोकस कर रही है.

इस ट्रेड डील से टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी जैसे सेक्टर को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि वे यूरोपियन मैन्युफैक्चरर्स के साथ मुकाबला नहीं करते हैं. भारत के एक्सपोर्टर्स को अभी बांग्लादेश जैसे विकासशील देशों से ड्यूटी-फ्री और कोटा-फ्री शिपमेंट से कड़ी टक्कर मिल रही है.

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यह भी पढ़ें : ‘भारत-EU ट्रेड एग्रीमेंट नए युग का आरंभ’, 16वें शिखर सम्मेलन में बोले PM मोदी, 7 समझौतों का आदान-प्रदान

भारतीयों के लिए क्या सस्ता होगा?

96.6 फीसदी यूरोपीय प्रोडेक्ट्स के एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म हो जाएगा या कम हो जाएगा. इससे यूरोपीय प्रोडेक्ट्स पर हर साल 4 बिलियन यूरो तक की ड्यूटी बचेगी. यह ट्रेड डील यूरोपीय कारों पर लगने वाले टैरिफ को 110 फीसदी से घटाकर मात्र 10 फीसदी कर देगा. वहीं, वाइन पर ड्यूटी150 फीसदी से घटकर 20 फीसदी तक आ जाएगी. वर्तमान में 50 फीसदी टैरिफ वाले पास्ता और चॉकलेट जैसे प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा.

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ट्रंप टैरिफ का पलटवार

समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का एक आदर्श उदाहरण है. यह समझौता वैश्विक जीडीपी के 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के 1/3 हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है.

यह भी पढ़ें : क्या है यूरोपीय संघ, कैसे करता है काम और NATO से कितना अलग? 18 साल बातचीत के बाद भारत से किया व्यापार समझौता

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यह समझौता रणनीतिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. बता दें, ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ और रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त ‘जुर्माना’ लगाने का ऐलान किया था. वहीं, EU के लिए, ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम के इंपोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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