India GDP Growth Data: जीडीपी के मामले में भारत ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। भारत की ग्रोथ रेट नए रिकॉर्ड बना रही है। दुनिया के दूसरे देश इस मामले में हमसे बहुत पीछे हैं। कोरोना महामारी के बाद से ही कई देशों की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई थी। वहीं भारत अपनी तेज गति से आगे बढ़ता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में (जुलाई, अगस्त, सितंबर) भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.6 प्रतिशत रही। पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही थी।
वैश्विक संस्थाओं के अनुमान से यह काफी ज्यादा है। यहां तक की खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ को 6.5 के करीब रहने का अनुमान जताया था। ये आंकड़े उससे भी बेहतर हैं। सभी की भविष्यवाणी गलत साबित हुई है और भारत ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया है।
5 प्रतिशत से भी नीचे है चीन
जीडीपी का मतलब होता है कि हमारे देश में कितनी वैल्यू के सामान और सेवाओं का उत्पादन हुआ। पिछले वित्त वर्ष (2022-23) की दूसरी तिमाही के डीजीपी की ग्रोथ रेट 6.2 प्रतिशत रही थी। इसबार यह (7.6 प्रतिशत) काफी ज्यादा है। भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ दुनियाभर में सबसे ज्यादा बनी हुई है। इसी दौरान चीन की जीडीपी ग्रोथ 5 प्रतिशत से भी कम रही। चीन की तुलना में बात करें तो इसी अवधि में उसकी जीडीपी ग्रोथ रेट 4.9 प्रतिशत रही।
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क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 41.74 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंची है जो बीते वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 38.17 लाख करोड़ रुपये थी। मतलब 2022-23 की दूसरी तिमाही में भारत में 38 लाख करोड़ से ज्यादा के गुड्स और सर्विसेज का उत्पादन हुआ था, जबकि इसबार यानी 2023-24 की दूसरी तिमाही में 41 लाख करोड़ से ज्यादा वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन हुआ है।
बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नेगेटिव में
ऐसे समय में जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नेगेटिव में जा रही है, भारत के जीडीपी की यह ग्रोथ बड़ी खुशखबरी है। जापान की डीजीपी ग्रोथ -2.1 प्रतिशत है तो वहीं जर्मनी की जीडीपी ग्रोथ रेट -0.4 प्रतिशत रही। ऐसे में भारत इस मामले में दुनिया के अन्य देशों से बहुत आगे है। अनुमान लगाया गया था कि इस अवधि में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8 प्रतिशत रहेगी जबकि यह इससे भी आगे निकल गई।
क्या कहा पीएम मोदी ने
प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया है। पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि संख्या वैश्विक स्तर पर ऐसे कठिन समय के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और ताकत को दर्शाती है। हम अधिक अवसर पैदा करने, गरीबी का तेजी से उन्मूलन करने और अपने लोगों के लिए ‘जीवनयापन में आसानी’ में सुधार लाने के लिए तेज गति से विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बड़े पैमाने पर हो रहा निर्माण
उम्मीद है कि भारत की ओवरऑल जीडीपी ग्रोथ (2023-24) रेट 7 प्रतिशत से ज्यादा रहगी, क्योंकि अभी भी हमारी जीडीपी ग्रोथ रेट 7.5 प्रतिशत से ज्यादा है। हैरानी नहीं होगी कि हमारी जीडीपी ग्रोथ रेट आगे चलकर 8 प्रतिशत से भी ज्यादा हो जाए। जीडीपी की ग्रोथ रेट बढ़ने की वजह भारत में हो रहा बड़े पैमाने पर निर्माण है। यह भारत को 5 ट्रिलियन डॉल की अर्थव्यवस्था बनने में काफी मददगार होगा।
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