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Explainer: कर्पूरी ठाकुर की विरासत को लेकर क्यों शुरू हुई जंग, जेडीयू-आरजेडी इतनी जल्दबाजी में क्यों?

Karpoori Thakur legacy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव समेत कई बड़े नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलने पर खुशी जताई है।

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव
Bharat Ratna to former Bihar CM Karpuri Thakur JDU RJD claiming legacy: सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री और एक बार उप मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्हें मरणोपरांत इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस फैसले पर तमाम राजनीतिक दलों के नेता अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव ने इसपर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू और राजद उनकी विरासत पर दवा करने की जल्दीबाजी में हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कर्पूरी ठाकुर की पिछड़े वर्ग में खास पकड़ थी और वे पिछड़े वर्ग की वकालत करने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। वे बिहार में सामाजिक न्याय की बात करने वाले बड़े नेता थे। पिछड़े वर्ग के लिए लिए गए उनके फैसलों ने मिसाल कायम की है। उन्होंने ही सबसे पहले पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया था। वे गरीबों के मसीहा बनकर उभरे थे। कर्पूरी ठाकुर 1952 से लेकर 1984 तक लगातार विधायक या सांसद बनते रहे। वे बहुत सादगी भरा जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं। ये भी पढ़ें-कैसे हर भारतीय को मिला तिरंगा फहराने का ‘सुप्रीम’ अधिकार? नवीन जिंदल ने दिया हर सवाल का जवाब कहा जा रहा है कि राजद और जेडीयू पिछड़ी जातियों के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए कर्पूरी ठाकुर की विरासत पर दावा कर रही हैं क्योंकि कर्पूरी ठाकुर पिछड़ों के सशक्तिकरण के लिए जाने जाते हैं। ये दोनों दल उनका नाम लेकर पिछड़ों के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने का दावा कर रहे हैं। नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव कर्पूरी ठाकुर के शिष्य रहे हैं। कर्पूरी ठाकुर ओबीसी राजनीति के पुरोधा थे। सीएम नीतीश ने क्या कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और महान समाजवादी नेता स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी को देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया जाना हार्दिक प्रसन्नता का विषय है। केंद्र सरकार का यह अच्छा निर्णय है। स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी 100वीं जयंती पर दिया जाने वाला यह सर्वोच्च सम्मान दलितों, वंचितों और उपेक्षित तबकों के बीच सकारात्मक भाव पैदा करेगा। हम हमेशा से ही कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ देने की मांग करते रहे हैं। वर्षों की पुरानी मांग आज पूरी हुई है। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद। लालू प्रसाद यादव ने क्या कहा राजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा कि, मेरे राजनीतिक और वैचारिक गुरु स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न अब से बहुत पहले मिलना चाहिए था। हमने सदन से लेकर सड़क तक ये आवाज उठायी, लेकिन केंद्र सरकार तब जागी जब सामाजिक सरोकार की मौजूदा बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना करवाई और आरक्षण का दायरा बहुजन हितार्थ बढ़ाया। डर ही सही राजनीति को दलित बहुजन सरोकार पर आना ही होगा। तेजस्वी यादव ने क्या कहा बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि वंचित, उपेक्षित, उत्पीड़ित और उपहासित वर्गों के पैरोकार, महान समाजवादी नेता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ देने की हमारी दशकों पुरानी मांग पूरी होने पर अपार खुशी हो रही है। इसके लिए केंद्र सरकार को साधुवाद। मायावती ने क्या कहा बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि देश में खासकर अति-पिछड़ों को उनके संवैधानिक हक के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष करके उन्हें सामाजिक न्याय व समानता का जीवन दिलाने वाले जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जी को आज उनकी 100वीं जयंती पर अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित। बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे देश के ऐसे महान व्यक्तित्व श्री कर्पूरी ठाकुर जी को देर से ही सही अब भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करने के केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत। देश के इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए उनके परिवार व सभी अनुयाइयों आदि को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मायावती ने कहा कि इसी प्रकार दलितों एवं अन्य उपेक्षितों को आत्म-सम्मान के साथ जीने व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बीएसपी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी का योगदान ऐतिहासिक व अविस्मरणीय है, जिन्हें करोड़ों लोगों की चाहत अनुसार भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करना जरूरी। ये भी पढ़ें-Ram Mandir: पीएम मोदी के उपवास पर सवाल को लेकर बवाल, कांग्रेस नेता वीरप्पा मोईली को BJP ने ऐसे दिया जवाब


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