बांग्लादेश में आम चुनाव से सिर्फ तीन दिन पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अमेरिका के साथ एक बेहद ‘सीक्रेट’ डील करने जा रही है. अमेरिका की ओर से भारत पर कम किए गए टैरिफ की वजह से बांग्लादेश को डर है कि उसका गारमेंट सेक्टर पूरी तरह तबाह हो जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने डील की शर्तें बेहद गोपनीय रखी हैं. इसके मसौदा के बारे में ना तो जनता को बताया गया ना ही संसद में इसकी जानकारी दी गई. बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव हैं. इससे 72 घंटे पहले 9 फरवरी को ट्रेड डील पर साइन किए जाएंगे.
इतनी जल्दबाजी क्यों?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद बांग्लादेश इस डील को फाइनल करने की जल्दबाजी दिखा रहा है. बांग्लादेश को डर है, अगर वह ऐसा नहीं करेगा तो भारत के हाथों अपना बाजार हिस्सा खो देगा. बांग्लादेश की इकॉनमी अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाने वाले रेडिमेड गारमेंट्स पर डिपेंड है. अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले सामान में 90 फीसदी हिस्सा गारमेंट्स का ही है.
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टैरिफ कम कराने की चाहत
अमेरिका ने अप्रैल 2025 में ढाका पर 37 फीसदी भारी टैरिफ लगाया था. जुलाई में उसे घटाकर 35 फीसदी और फिर अगस्त में 20 फीसदी तक कम कर दिया गया. बांग्लादेश को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ डील करने से वह टैरिफ घटाकर 15 फीसदी कर दिया जाएगा.
क्या हैं सीक्रेट शर्तें?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील में कई शर्तें हैं. पहली शर्त है कि चीन से इंपोर्ट कम किया जाए. चीन के बजाय अमेरिका से सैन्य सामान खरीदना. दूसरा अमेरिका से इंपोर्ट की जाने वाली चीजों पर कोई सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए. अमेरिका चाहता है कि वह बांग्लादेश के बाजार में अपनी गाड़ियां बेचे.
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कितना बेचता है कपड़ा?
बांग्लादेश हर साल अमेरिका को करीब 8 बिलियन डॉलर का टेक्सटाइल बेचता है. बांग्लादेश से अमेरिका एक्सपोर्ट की जाने वाली चीजों में 96 फीसदी कपड़ा ही होता है. वहीं, बांग्लादेश अमेरिका से सिर्फ 2 बिलियन डॉलर का सामान खरीदता है. एक्सपोर्ट से आने वाली कमाई का 80 फीसदी हिस्सा गारमेंट्स से आता है. यह पूरे देश की इकॉनमी का लगभग 20 परसेंट हिस्सा है.
बांग्लादेश को क्या है डर
भारत भी टेक्सटाइल बेचता है. भारत पर टैरिफ कम होने की वजह से अमेरिकियों के लिए भारतीय कपड़े खरीदना सस्ता हो जाएगा. वहीं, अभी बांग्लादेश पर टैरिफ भारत से ज्यादा लगा हुआ है. ऐसे में उसे डर है कि कहीं अमेरिकी खरीदार भारत की ओर रुख ना कर जाएं.
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लाखों की जा सकती है नौकरी
बांग्लादेश में गारमेंट्स सेक्टर देश का इंजन है. इसकी वजह से 40 से 50 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है, इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं. अगर टेक्सटाइल सेक्टर पर असर पड़ेगा तो पूरे देश में बेरोजगारों की तादाद लाखों में होगी.
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