अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर वाहवाही लूटने की मची होड़ के बीच एक रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई एक सीक्रेट मीटिंग के बारे में बताया गया है. यह मीटिंग सितंबर 2025 की शुरुआत में तब हुई थी, जब ट्रंप सरकार लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही थी. इसके साथ ही भारत पर 50 फीसदी टैरिफ ठोक दिया था.
रिपोर्ट में लिखा गया है कि मीटिंग में डोभाल ने रुबियो से कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों से भारत डरने वाला नहीं है. भारत ट्रेड डील के लिए ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने का इंतजार करने को तैयार है.'
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साथ ही डोभाल ने मीटिंग में रुबियो को कहा कि हम चाहते हैं कि ट्रंप और उनके साथी भारत की पब्लिक में बुराई कम करें ताकि वे रिश्ते वापस पटरी पर ला सकें.
रिपोर्ट बताती है कि इस बैठक के बाद ट्रंप के लहजे में कुछ नरमी आई थी. फिर डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर 17 सितंबर को फोन करके बधाई दी थी.
बता दें, ट्रंप सरकार बार-बार भारत पर निशाना साध रही थी. डोनाल्ड ट्रंप ने भी कई बार दावा किया कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया था. इस बात को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर रहा है. हालांकि, भारत का कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर दोनों देशों ने बातचीत करके किया था, ना कि किसी तीसरे देश का इसमें हाथ था.
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यह रिपोर्ट तब और अहम हो गई जब ट्रंप ने भारत-US ट्रेड डील की घोषणा करने में जल्दबाजी की. और उनके सहयोगियों ने इसे अमेरिका की एक बड़ी जीत के रूप में प्रचारित किया. ट्रंप ने इस डील की घोषणा समय से पहले कर दी और इसे अमेरिकी कृषि क्षेत्र की जीत बताया. जबकि, भारत ने कृषि और डेयरी जैसे सेक्टरों को अपनी 'रेड लाइन' माना है.