Netflix Series Yeh Kaali Kaali Ankhein 2: साल 2022 में नेटफ्लिक्स पर एक रोमांटिक क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज 'ये काली काली आंखें' रिलीज हुई थी जिसके एक्शन और सस्पेंस ने लोगों को दीवाना बना दिया था। अब इस सीरीज का दूसरा सीजन भी नेटफ्लिक्स पर धमाल मचा रहा है। चलिए आपको बताते हैं सीरीज के बारे में।

नेटफ्लिक्स पर धमाल मचा रही सीरीज 

अगर कोई वेब सीरीज आपको एक ही बार में खत्म करने के लिए मजबूर कर दे, तो समझिए उसमें कुछ खास है। यही हाल इस सीरीज का है, जो अपने पहले सीजन से कहीं ज्यादा दिलचस्प और कसी हुई है। इसमें पहले से ज्यादा थ्रिल है और कहानी में भी गहराई आई है। इस सीरीज का दूसरा सीजन कुछ समय पहले ही 6 एपिसोड्स के साथ नेटफ्लिक्स पर आया है, जिसमें हर एपिसोड लगभग 40 मिनट का है। एक बार इसे देखना शुरू करेंगे तो बिना पूरा किए रुक नहीं पाएंगे।

कैसी है वेब सीरीज की कहानी? 

गैंगस्टर अखिराज (सौरभ शुक्ला) की बेटी पूर्वा (आंचल सिंह) अपनी सनक और बचपन के प्यार विक्रांत (ताहिर राज भसीन) से जबरदस्ती शादी कर लेती है। शादी के बाद जालान (अरुणोदय सिंह) उसे किडनैप कर लेता है और विक्रांत से पैसे की मांग करता है। अखिराज पैसों का इंतजाम करता है, लेकिन विक्रांत की गर्लफ्रेंड श्वेता त्रिपाठी (शिखा) की शादी के दौरान कुछ ऐसा घटता है, जो पूरे मामले को और भी पेचिदा बना देता है। विक्रांत को ये डर है कि कहीं ये राज न खुल जाए कि पूर्वा की किडनैपिंग के पीछे उसका ही हाथ है। इसी बीच वो किडनैपर से एक और डील करता है कि उसे पूर्वा को लौटा दिया जाए। इस मिशन में मदद करने के लिए गुरू (गुरमीत चौधरी), जो एक तेज-तर्रार एजेंट है वो सामने आता है। फिर शुरू होता है एक ऐसा खेल, जो आपको अंत तक एंटरटेन करता रहेगा।

सीरीज में सस्पेंस कूट-कूट कर भरा

ये सीरीज वाकई में शानदार है, आप एक पल के लिए भी स्क्रीन से अपनी नजरें नहीं हटा सकते। हर थोड़ी देर में एक नया ट्विस्ट आता है, जो आपको बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता। ये सीरीज इतनी तेजी से चलती है कि आप भी उसके साथ तेजी से जुड़े रहते हैं। किरदार अपनी दिशा बार-बार बदलते हैं और जो आपने पहले सीजन में देखा था, वो सिर्फ एक सनकी लड़की का संघर्ष था, जो किसी लड़के को पाने के लिए हर हद तक जा सकती थी। लेकिन इस सीजन में कहानी और भी पेचीदा होती जाती है। नए किरदार सामने आते हैं, जो इस सीरीज को और भी दिलचस्प बना देते हैं। स्क्रिप्ट इतनी पक्की और कसी हुई है कि एक भी सीन ऐसा नहीं लगता जिसका कोई महत्व न हो।