रामायण-महाभारत के सितारों का अनोखा साथ
इस शो की खास बात यह थी कि इसमें सभी किरदार रामायण-महाभारत के ही थे, जिसमें से रामानंद सागर को अपने आगे के प्रोजेक्ट रामायण और महाभारत के लिए भी किरदार मिल गए. वहीं विक्रम और बेताल के इस शो की बात करें तो इसमें अरुण गोविल (जिन्होंने श्रीराम का किरदार निभाया था), वे यहां राजा विक्रमादित्य बने। दीपिका चिखलिया (सीता माता), सुनील लहरी (लक्ष्मण), अरविंद त्रिवेदी (रावण), विजय अरोड़ा, मूलराज राजदा, रमेश भटकर और कई अन्य मशहूर कलाकार इस शो में नजर आए. यह पहली बार था जब इतने बड़े नाम एक साथ एक ही शो में दिखे. दर्शकों के लिए यह देखना बहुत रोमांचक था कि उनके पसंदीदा देवता और पात्र अलग-अलग भूमिकाओं में कैसे नजर आते हैं.
कहानी और लोकप्रियता
शो की कहानी राजा विक्रमादित्य और बेताल की है. राजा को एक बेताल (भूत जैसा प्राणी) को कंधे पर लटकाकर ले जाना होता था. रास्ते में बेताल 25 कहानियां सुनाता और हर कहानी के अंत में एक मुश्किल सवाल पूछता. अगर राजा जवाब दे देते तो बेताल गायब हो जाता, वरना राजा को फिर से शुरू करना पड़ता. ये कहानियां नैतिकता, बुद्धि और जीवन के सबक सिखाती थीं. बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इसे बड़े चाव से देखता था.
आज भी याद किया जाता है
उस समय टीवी ही मनोरंजन का मुख्य साधन था. लोग रविवार की सुबह इंतजार करते थे कि नया एपिसोड कब आएगा. ‘विक्रम और बेताल’ ने न सिर्फ मनोरंजन दिया बल्कि अच्छाई, बुद्धि और सही-गलत का फर्क भी समझाया. 41 साल बीत जाने के बाद भी लोग इसे याद करते हैं और यूट्यूब पर इसके एपिसोड देखते हैं.